
Lok Sabha Election 2024: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के 80 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ने वाले बयान पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी का बयान सामने आया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि सपने देखने का अधिकार सबको है, लेकिन समाजवादी पार्टी अखिलेश यादव के नेतृत्व में लगातार चार चुनाव हार चुकी है। लगभग हर चुनाव में 2012 के बाद उन्होंने अलग-अलग गठबंधन बनाए हैं 2017 में 2 युवाओं के साथ गए युवाओं की जोड़ी बनी फिर 2019 में बुआ के साथ समझौता कर लिया। सबको पता है आज गठबंधन के साथी कहां है, अखिलेश की विश्वसनीयता को लेकर कई समस्या हैं। लोकतंत्र में सबको अपनी बात कहने का अधिकार है।
इसके साथ ही बीजेपी नेता भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि हम अपने रिपोर्ट कार्ड के साथ पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने जो काम किया है वह पूरा रिपोर्ट कार्ड लेकर जनता के बीच जाएंगे। हमें पूरा भरोसा है कि हम यूपी में 80 में 80 सीटें जीतेंगे वह किसी से भी गठबंधन कर ले जनता का गठबंधन उत्तर प्रदेश में पीएम मोदी के साथ है।
भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि पिछली बार 5 सीट समाजवादी पार्टी गठबंधन ने जीती थीं। उसमें मैनपुरी भी शामिल थी, जिसमें मुलायम सिंह बहुत बड़ा चेहरा था। इस चेहरे के आधार पर जीते बाद में उनकी सिंपैथी के आधार पर जीते हैं। हमने हमेशा अपने काम और कार्यकर्ता की मेहनत के आधार पर चुनाव लड़े जो जो राजनीतिक परिणाम हमारे अनुकूल नहीं है। हम उसकी समीक्षा करके जनता के बीच में जाते हैं।
उन्होंने कोर कमेटी की बैठक पर कहा कि वह एक अनौपचारिक बैठक थी, कोर कमेटी की बैठक मुख्यमंत्री के आवास पर हम रूटीन में करते हैं। जो तत्काल पार्टी की परिस्थितियां हैं उस पर हम चर्चा करते हैं। यह रूटीन कोर कमेटी की बैठक है जो अभियान है उसकी चर्चा हम करते हैं। जो मनोनीत एमएलसी वाला विषय है वह केंद्र को करना है वह सूची वहां जा चुकी है जो बहुत जल्दी आएगी। वहीं उन्होंने कहा कि जो सीटें खाली हुई हैं, वहां जैसे ही निर्वाचन आयोग घोषणा करेगा वैसे ही हम अपने प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू कर देंगे।
उन्होंने कहा कि हम सब पार्टी के कार्यकर्ता हैं हमारे पार्टी में दायित्व दिए जाते हैं। नए बहुत लोग नहीं आएंगे जिनके पास जिम्मेदारी उनकी जिम्मेदारी इधर से उधर होगी सब कार्य कर रहे है। सब अच्छे मन से काम करें दायित्व थोड़ा बहुत परिवर्तन होगा। कुछ लोग सरकार में चले गए एक हमारे उपाध्यक्ष राज्यपाल बन गए उन्हीं स्थानों को भरना है। बहुत बड़ा परिवर्तन नहीं होगा कार्यकर्ता के दायित्व में परिवर्तन होगा बहुत जल्दी होगा।