महा-एक्सप्रेसवे कई प्रमुख हाईवे और एक्सप्रेसवे से जुड़ने की योजना के तहत बनाया जा रहा है। यह प्रस्तावित है गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए।

UP News : उत्तर प्रदेश में बनने वाला यह विशाल एक्सप्रेसवे राज्य की परिवहन और आर्थिक तस्वीर बदलने वाला है। यह प्रोजेक्ट पानीपत से गोरखपुर तक फैलेगा और कुल 750 किलोमीटर लंबा होगा। इसे राज्य का अब तक का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे माना जा रहा है। यह हाईस्पीड कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से होकर गुजरेगा। इनमें प्रमुख जिले हैं, पश्चिमी यूपी का सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, मेरठ एवं मध्य यूपी का अमरोहा, संभल, बरेली, रामपुर, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ तथा पूर्वी यूपी का बलरामपुर, बहराइच, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर जिला इसमें शामिल है। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वांचल से जोड़ते हुए राज्य में आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिए नई संभावनाएँ खोलेगा।
डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) लगभग तैयार है। मार्च तक निर्माण का ठेका देने की योजना है। निर्माण शुरू होने के बाद, हाईस्पीड कॉरिडोर पर तेज गति से काम किया जाएगा। राज्य सरकार और एनएचएआई के बीच संरेखण पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। संभावना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस प्रोजेक्ट की उच्चस्तरीय बैठक में शामिल होंगे। इसके बनने से यात्रा में तेजी आएगी, पानीपत से गोरखपुर तक सीधे हाईस्पीड कनेक्शन हो जाएगा। पश्चिमी यूपी से पूर्वांचल तक उद्योगों और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। मल्टी-स्टेट कनेक्टिविटी बढ़ेगी। हरियाणा, यूपी, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच परिवहन सुगम होगा। लॉजिस्टिक्स में सुधार होगा, कृषि, उद्योग और व्यापार के लिए तेज और सुरक्षित मार्ग बनेगा।गा।