उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। शनिवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के आवास के बाहर प्रदर्शन करने लगे।

UP News : उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षक भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। शनिवार को प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचकर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के आवास के बाहर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने मायावती से मुलाकात की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। UP News
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी मायावती के आवास के बाहर पहुंचकर उनसे मिलने की मांग पर अड़ गए। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आवास के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका, जिसके बाद करीब 15 मिनट तक दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। आखिरकार पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर निर्धारित धरना स्थल ईको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शन के दौरान एक महिला अभ्यर्थी मायावती से सीधे मिलने की मांग को लेकर सड़क पर धरने पर बैठ गई। महिला पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने और हटाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी मांग पर डटी रही। इसके चलते कुछ देर के लिए माहौल और तनावपूर्ण हो गया। बाद में पुलिस ने अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ महिला अभ्यर्थियों को भी बसों में बैठाकर वहां से हटाया। UP News
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण संबंधी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उनका कहना है कि 6800 पदों पर आरक्षण से जुड़ी विसंगतियों को लेकर पहले भी सवाल उठाए जा चुके हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल हलफनामे में ऐसे अभ्यर्थियों के नाम भी शामिल किए हैं, जो पहले ही भर्ती प्रक्रिया से बाहर हो चुके हैं। उनका आरोप है कि इससे पात्र अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती से जुड़ा मामला फिलहाल सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। उनका आग्रह है कि जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व की काउंसलिंग प्रक्रियाओं में हिस्सा नहीं लिया, उनके पद रिक्त मानकर नई मेरिट सूची तैयार की जाए, ताकि पात्र अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके। UP News
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