प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन की लेकर आ गई बड़ी अपडेट, भक्तजन जान लें
परिकर ने स्पष्ट किया है कि इन दिनों आश्रम में प्रवेश केवल महाराज जी से दीक्षित परिकर तक सीमित रहेगा, यानी सामान्य श्रद्धालुओं को भीतर जाने की अनुमति नहीं होगी। परिकर के मुताबिक टोकन लाइन 11 मार्च 2026 से रोक दी जाएगी, जबकि 18 मार्च से लाइन दोबारा शुरू होने की संभावना जताई गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह बड़ी खबर मथुरा जिले के वृंदावन से प्रेमानंद महाराज के भक्तों के लिए आई है। उत्तर प्रदेश के ब्रजभूमि की आध्यात्मिक पहचान बन चुके प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन के लिए न सिर्फ देशभर से, बल्कि विदेशों से भी हजारों भक्त वृंदावन पहुंचते हैं। लेकिन होली के बाद आश्रम की दर्शन-व्यवस्था में बदलाव को लेकर एक ऐसी सूचना जारी हुई है, जिसे जाने बिना अगर आप यात्रा पर निकल पड़े, तो टोकन और दर्शन दोनों में परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
इस कारण नहीं मिलेंगे टोकन
आश्रम प्रबंधन (परिकर) की ओर से जारी ताजा सूचना के अनुसार 13 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 तक पूज्य गुरुदेव का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इसी आयोजन की वजह से इस पूरे सप्ताह दर्शन और एकांतिक वार्तालाप के लिए टोकन वितरण पूरी तरह बंद रहेगा। परिकर ने स्पष्ट किया है कि इन दिनों आश्रम में प्रवेश केवल महाराज जी से दीक्षित परिकर तक सीमित रहेगा, यानी सामान्य श्रद्धालुओं को भीतर जाने की अनुमति नहीं होगी। परिकर के मुताबिक टोकन लाइन 11 मार्च 2026 से रोक दी जाएगी, जबकि 18 मार्च से लाइन दोबारा शुरू होने की संभावना जताई गई है। हालांकि नियमित दर्शन 19 मार्च के बाद ही सामान्य रूप से संभव होंगे। ऐसे में होली के बाद वृंदावन आने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए ये तारीखें ‘ट्रैवल प्लान’ तय करने वाली साबित होंगी, वरना भीड़ के बीच पहुंचकर भी टोकन न मिलने की स्थिति बन सकती है। उत्तर प्रदेश के ब्रज मंडल में 3 और 4 मार्च को होली और उसके बाद हुरंग जैसे आयोजनों के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में अगर कोई भक्त बरसाना/वृंदावन की होली देखने के बाद प्रेमानंद महाराज के दर्शन भी करना चाहता है, तो परिकर की सूचना के मुताबिक 5 मार्च से 10 मार्च 2026 तक का समय उपयोगी हो सकता है। इसके बाद टोकन व्यवस्था बंद होने के कारण भक्तों को कम से कम एक सप्ताह प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
दुनियाभर में प्रसिद्ध है ब्रज की होली
उत्तर प्रदेश का ब्रज क्षेत्र अपनी अनूठी होली परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। रंगभरनी एकादशी से ही वृंदावन समेत पूरे ब्रज में गुलाल और रंगों की होली शुरू हो जाती है, जो धुलेंडी तक चलती है। इसके बाद नंदगांव सहित कई गांवों में हुरंग के आयोजन होते हैं। वहीं होली की रात फालैन में जलती होली से गुजरने की परंपरा भी लोगों को आकर्षित करती है, जिसे देखने दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुड़ी यह बड़ी खबर मथुरा जिले के वृंदावन से प्रेमानंद महाराज के भक्तों के लिए आई है। उत्तर प्रदेश के ब्रजभूमि की आध्यात्मिक पहचान बन चुके प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन के लिए न सिर्फ देशभर से, बल्कि विदेशों से भी हजारों भक्त वृंदावन पहुंचते हैं। लेकिन होली के बाद आश्रम की दर्शन-व्यवस्था में बदलाव को लेकर एक ऐसी सूचना जारी हुई है, जिसे जाने बिना अगर आप यात्रा पर निकल पड़े, तो टोकन और दर्शन दोनों में परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
इस कारण नहीं मिलेंगे टोकन
आश्रम प्रबंधन (परिकर) की ओर से जारी ताजा सूचना के अनुसार 13 मार्च 2026 से 19 मार्च 2026 तक पूज्य गुरुदेव का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इसी आयोजन की वजह से इस पूरे सप्ताह दर्शन और एकांतिक वार्तालाप के लिए टोकन वितरण पूरी तरह बंद रहेगा। परिकर ने स्पष्ट किया है कि इन दिनों आश्रम में प्रवेश केवल महाराज जी से दीक्षित परिकर तक सीमित रहेगा, यानी सामान्य श्रद्धालुओं को भीतर जाने की अनुमति नहीं होगी। परिकर के मुताबिक टोकन लाइन 11 मार्च 2026 से रोक दी जाएगी, जबकि 18 मार्च से लाइन दोबारा शुरू होने की संभावना जताई गई है। हालांकि नियमित दर्शन 19 मार्च के बाद ही सामान्य रूप से संभव होंगे। ऐसे में होली के बाद वृंदावन आने की तैयारी कर रहे श्रद्धालुओं के लिए ये तारीखें ‘ट्रैवल प्लान’ तय करने वाली साबित होंगी, वरना भीड़ के बीच पहुंचकर भी टोकन न मिलने की स्थिति बन सकती है। उत्तर प्रदेश के ब्रज मंडल में 3 और 4 मार्च को होली और उसके बाद हुरंग जैसे आयोजनों के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में अगर कोई भक्त बरसाना/वृंदावन की होली देखने के बाद प्रेमानंद महाराज के दर्शन भी करना चाहता है, तो परिकर की सूचना के मुताबिक 5 मार्च से 10 मार्च 2026 तक का समय उपयोगी हो सकता है। इसके बाद टोकन व्यवस्था बंद होने के कारण भक्तों को कम से कम एक सप्ताह प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।
दुनियाभर में प्रसिद्ध है ब्रज की होली
उत्तर प्रदेश का ब्रज क्षेत्र अपनी अनूठी होली परंपराओं के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। रंगभरनी एकादशी से ही वृंदावन समेत पूरे ब्रज में गुलाल और रंगों की होली शुरू हो जाती है, जो धुलेंडी तक चलती है। इसके बाद नंदगांव सहित कई गांवों में हुरंग के आयोजन होते हैं। वहीं होली की रात फालैन में जलती होली से गुजरने की परंपरा भी लोगों को आकर्षित करती है, जिसे देखने दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। UP News












