प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, आयोजन के लिए पुलिस से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिल पाया, जिसके बाद LDA ने स्थल आवंटन वापस ले लिया है। बता दें कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रम का आयोजन 14 से 18 मार्च 2026 के बीच प्रस्तावित था।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में देश के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रस्तावित हनुमत कथा अब तय तारीखों पर नहीं हो पाएगी। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने वसंत कुंज योजना स्थित राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल मैदान का आवंटन निरस्त कर दिया है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, आयोजन के लिए पुलिस से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिल पाया, जिसके बाद LDA ने स्थल आवंटन वापस ले लिया है। बता दें कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कार्यक्रम का आयोजन 14 से 18 मार्च 2026 के बीच प्रस्तावित था।
सूत्रों के अनुसार, आयोजन के लिए पुलिस से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिल सका। सुरक्षा व्यवस्था और संभावित भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर स्पष्ट मंजूरी नहीं दी गई। इसके बाद LDA ने आवंटन आदेश वापस लेते हुए यह साफ किया कि पुलिस/प्रशासन की आवश्यक अनुमति के बिना किसी भी बड़े कार्यक्रम के लिए सार्वजनिक स्थल उपलब्ध नहीं कराया जा सकता। आयोजनकर्ता संस्था हेल्प यू एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रतिनिधि हर्षवर्धन अग्रवाल के मुताबिक, शुरुआत में कथा गोमती नगर स्थित डिफेंस एक्सपो स्थल पर कराने की योजना थी। हालांकि, पुलिस ने वीआईपी मूवमेंट और शहीद पथ पर ट्रैफिक जाम की आशंका जताते हुए उस स्थान पर अनुमति नहीं दी। इसके बाद पुलिस की सलाह पर राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल मैदान के लिए आवेदन किया गया। आयोजकों का कहना है कि LDA ने प्राथमिक स्तर पर मैदान आवंटन के लिए 33 लाख रुपये जमा करने को कहा था। उनके मुताबिक, ऑनलाइन भुगतान में तकनीकी समस्या आई, जिसके बाद प्रतिदिन 2.5 लाख रुपये जमा करने का विकल्प दिया गया। दावा है कि दो दिन की राशि जमा भी की गई, लेकिन LDA के सिस्टम में भुगतान दर्ज नहीं हो सका, जिससे प्रक्रिया और उलझ गई।
कार्यक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर प्रचार शुरू हो चुका था। आयोजकों के अनुसार, स्वयं धीरेंद्र शास्त्री ने भी अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए मार्च में लखनऊ आने की जानकारी साझा की थी। आयोजकों का दावा है कि 14–18 मार्च के बीच कोई बड़ा त्योहार नहीं होने से क्राउड मैनेजमेंट अपेक्षाकृत आसान रहता है। आयोजकों की नाराजगी अब खुलकर सामने है। हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि अगर प्रशासन किसी अन्य स्थान पर अनुमति दे दे, तो वहां भी कथा आयोजित की जा सकती है। उन्होंने यह तक कहा कि खेत भी मिल जाए तो वहीं कथा करा देंगे। फिलहाल आगे की रणनीति पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। वहीं LDA अधिकारियों ने आवंटन निरस्त होने की पुष्टि की है, हालांकि इस पर औपचारिक बयान अभी सामने नहीं आया है। UP News