उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में बाबा का बुलडोजर चला है। 15 लोगों की मौत का कारण बनी चार मंजिला अवैध इमारत पर प्रशासन का शिकंजा कस गया है। 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शनिवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू की।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में बाबा का बुलडोजर चला है। 15 लोगों की मौत का कारण बनी चार मंजिला अवैध इमारत पर प्रशासन का शिकंजा कस गया है। 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शनिवार सुबह बड़ी कार्रवाई शुरू की। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर के जरिए अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। हादसे के बाद जांच में सामने आया था कि यह इमारत नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई थी और यहां रिहायशी नक्शे के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही थीं। UP News
शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे लखनऊ विकास प्राधिकरण के लगभग 45 अधिकारी और कर्मचारी तीन बुलडोजर व एक हाइड्रोलिक मशीन लेकर अलीगंज पहुंचे। कार्रवाई शुरू होने से पहले पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आसपास के करीब 700 मीटर क्षेत्र को बैरिकेडिंग लगाकर सील कर दिया गया। मौके पर एसीपी अलीगंज समेत तीन थानों की पुलिस फोर्स और 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। UP News
गौरतलब है कि 22 जून को अलीगंज इलाके में स्थित इस चार मंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। इमारत की दूसरी मंजिल पर चल रहे एक एनीमेशन कोचिंग सेंटर में कई लोग फंस गए थे। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें कुछ लोगों की मौत आग में झुलसने से हुई, जबकि कई लोगों ने दम घुटने के कारण दम तोड़ दिया था। हादसे के दौरान पांच लोगों ने पाइप और तारों के सहारे नीचे उतरकर अपनी जान बचाई थी, लेकिन इस दौरान उन्हें गंभीर चोटें भी आई थीं। इस घटना के बाद पूरे प्रदेश में अवैध निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े हुए थे। UP News
हादसे के बाद LDA की जांच में सामने आया कि अलीगंज की यह चार मंजिला इमारत नियमों के विपरीत बनाई गई थी। जांच में यह भी पाया गया कि रिहायशी नक्शे पर बनी इमारत में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। इसके बाद LDA ने मकान मालिक वीरेंद्र शुक्ला को नोटिस जारी किया था। प्राधिकरण ने 10 जुलाई को ध्वस्तीकरण का आदेश देते हुए 15 दिन के भीतर खुद अवैध निर्माण हटाने का मौका दिया था। समय सीमा पूरी होने के बाद शनिवार से LDA ने अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। UP News
वहीं, बुलडोजर कार्रवाई के दौरान मकान मालिक वीरेंद्र शुक्ला के वकील और बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ला भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि LDA ने तय समय सीमा पूरी होने से पहले ही ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया। मकान मालिक पक्ष का कहना है कि इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है और सोमवार को सुनवाई प्रस्तावित है। वकील ने दावा किया कि अदालत के निर्णय से पहले कार्रवाई करना उचित नहीं है। UP News
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