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Lucknow Fire Tragedy: सीएम योगी ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के 4 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। हादसे की जाचं के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।

Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ कोचिंग अग्निकांड में 15 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में ज्यादातर स्टूडेंट थे। ये लोग गेमिंग और एनिमेशन सीखने आते थे। इस दिल दहला देने वाली हादसे में अब बेहद परेशान करने वाले खुलासे हो रहे हैं जो बताते हैं कि बेपरवाह और गैर जिम्मेदार लोगों की सांठगांठ की कहानी बयां करते हैं।
आग अलीगंज इलाके में स्थित एक इमारत में लगी। बेसमेंट, ग्राउंड और पहले फ्लोर पर पेट शॉप और क्लीनिक है। दूसरे फ्लोर पर लर्निंग स्पेस नाम की लाइब्रेरी (कोचिंग) और हेड हॉपर स्टूडियो है, जिसमें 3D आर्ट प्रोडक्शन और गेम एसेट आउटसोर्सिंग का काम होता है।
ऑटोमैटिक थंब इंप्रेशन से खुलता था
भास्कर.कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक जब आग लगी तो सभी स्टूडेंट्स लंच के बाद क्लास में थे। कोचिंग सेंटर में मुख्य गेट ऑटोमैटिक था जो थंब इंप्रेशन से खुलता और बंद होता था। यही ऑटोमैटिक गेट बच्चों के बाहर न निकल पाने का प्रमुख कारण बना।
हादसे में घायल एक छात्र के दोस्त यश ने बताया- ऊपर आने-जाने के लिए केवल एक ही एंट्री-एग्जिट पॉइंट था। वहां बायोमेट्रिक सिस्टम लगा था। आग लगने के दौरान बायोमेट्रिक सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया। इसकी वजह से अंदर मौजूद बच्चे समय रहते गेट नहीं खोल पाए।
बिल्डिंग में आने-जाने का एक रास्ता
इसके अलावा बिल्डिंग में आने-जाने के लिए सिर्फ एक ही रास्ता था। निकलने की सीढ़ी भी एक ही थी। इमरजेंसी की हालत में बाहर निकलने का कोई दूसरा रास्ता ही नहीं था। छत पर जाने वाले रास्ते का दरवाजा भी लॉक था।
इमारत में जैसे ही आग लगी धुआं सबसे पहले निचली मंजिलों पर फैला और तेजी से ऊपर की ओर बढ़ा। धुएं और आग को देख ऊपरी मंजिलों पर मौजूद लोग घबरा गए। कई लोग बाहर निकलने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ने खुद को कमरों और बाथरूम में बंद कर लिया। अंदर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रिपोर्ट के मुताबिक बिल्डिंग की जमीन रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की है। पुलिस ने केस दर्ज कर वीरेंद्र समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सीएम योगी ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के 4 अफसरों को सस्पेंड कर दिया है। हादसे की जाचं के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
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