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Lucknow: हादसे में जान गंवाने वाले एक युवक के पिता प्रभुज्योत सिंह आज भी अपने बेटे की आखिरी कॉल को याद कर भावुक हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब दो बजे बेटे का फोन आया था।

Lucknow Fire News: लखनऊ के अलीगंज इलाके में हुए भीषण आग हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। सोमवार दोपहर लगी इस आग में 15 लोगों की जान चली गई। हादसे के अगले दिन भी लोगों के बीच इसी दर्दनाक घटना की चर्चा होती रही। जिस इमारत में आग लगी थी वह अब पूरी तरह काले पड़े मलबे में बदल चुकी है। पुलिस ने पूरे परिसर को सील कर दिया है और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इस हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू उन परिवारों की कहानियां हैं जिन्होंने अपने बच्चों और अपनों को खो दिया। कई परिवारों को हादसे के दौरान अपने बच्चों की आखिरी कॉल मिली लेकिन मदद पहुंचने से पहले सब कुछ खत्म हो गया।
हादसे में जान गंवाने वालों में 19 वर्षीय मोहम्मद शाजान भी शामिल थे। उनके भाई इज़हार अली ने बताया कि आग लगने के समय शाजान दूसरी मंजिल पर एनिमेशन की ट्रेनिंग ले रहे थे। आग फैलने के बाद उन्होंने फोन कर बताया था कि वह अंदर फंस गए हैं। जान बचाने के लिए वह बाथरूम में चले गए थे लेकिन वहां से बाहर नहीं निकल सके।
हादसे में जान गंवाने वाले एक युवक के पिता प्रभुज्योत सिंह आज भी अपने बेटे की आखिरी कॉल को याद कर भावुक हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि दोपहर करीब दो बजे बेटे का फोन आया था। उसने कहा, "पापा, आग लग गई है, मुझे बचा लो, मैं अंदर फंस गया हूं।" फोन मिलने के बाद परिवार तुरंत वहां के लिए निकला और एम्बुलेंस को भी सूचना दी गई लेकिन जब तक वे मौके पर पहुंचे तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
22 वर्षीय अब्दुल रहमान ने करीब नौ महीने पहले आईटी टेक्नीशियन के रूप में काम शुरू किया था। उनके दोस्त शादान शेख़ के अनुसार, रहमान के पिता लकवे से पीड़ित हैं और घर की जिम्मेदारी काफी हद तक उन्हीं पर थी। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
इस हादसे में जान गंवाने वाले ज्यादातर लोगों की उम्र 19 से 30 साल के बीच बताई जा रही है। मृतकों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। कुछ लोग उत्तर प्रदेश के बाहर पश्चिम बंगाल, हरियाणा और मध्य प्रदेश से लखनऊ आए थे। वे यहां नौकरी, प्रशिक्षण या अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए रह रहे थे।
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