उत्तर प्रदेश में है दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल, जानें शहर का नाम

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित सिटी मोंटेसरी स्कूल दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल माना जाता है। इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। यह स्कूल 1959 में डॉ. जगदीश गांधी और डॉ. भारती गांधी द्वारा शुरू किया गया था।

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सिटी मोंटेसरी स्कूल
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 05:19 PM
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UP News : भारत के उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित सिटी मोंटेसरी स्कूल दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल माना जाता है। इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज है। यह स्कूल 1959 में डॉ. जगदीश गांधी और डॉ. भारती गांधी द्वारा शुरू किया गया था। शुरुआत केवल पांच छात्रों के साथ हुई थी, लेकिन आज यह विश्व के सबसे बड़े शैक्षणिक संस्थानों में से एक बन चुका है।

छात्र और स्टाफ

इस स्कूल में 60,000 से अधिक छात्र पढ़ते हैं।

पूरे लखनऊ में इसके 21 अलग-अलग कैंपस हैं।

लगभग 4,500 शिक्षक और प्रशासनिक कर्मचारी यहाँ कार्यरत हैं।

शिक्षा प्रणाली

इस स्कूल में शिक्षा चार स्तरों में दी जाती है: 

1. प्री-प्राइमरी - खेल-खेल में सीखने का माहौल।

2. प्राइमरी

3. जूनियर

4. सीनियर सेकेंडरी

यहाँ केवल अकादमिक शिक्षा पर ही ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व, नैतिक मूल्य और सामाजिक कौशल के विकास पर भी जोर दिया जाता है।

स्कूल में सुविधाएँ

* 1,000 से अधिक कक्षाएं।

* 3,700 से अधिक कंप्यूटर।

* अत्याधुनिक तकनीक और संसाधनों के साथ आधुनिक शिक्षा।

* 2005 -दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल (गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड)।

* 2002 - यूनेस्को शांति शिक्षा पुरस्कार।

* दलाई लामा द्वारा होप आफ ह्यूमिनिटी अवार्ड।





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उत्तर प्रदेश में गैस संकट के बीच भट्ठियों और इंडक्शन की कीमतें बढ़ीं

एलपीजी गैस की कमी ने लोगों को खाना पकाने के विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है। इस बीच, भट्ठियों और इंडक्शन चूल्हों की कीमतों में अचानक वृद्धि देखने को मिली है।

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एलपीजी गैस की कमी ने लोगों को खाना पकाने के विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 04:19 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में एलपीजी गैस की कमी ने लोगों को खाना पकाने के विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है। इस बीच, भट्ठियों और इंडक्शन चूल्हों की कीमतों में अचानक वृद्धि देखने को मिली है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 500 का भट्ठी अब 3,500 में बिक रहा है। यह वृद्धि खास तौर पर होटल और ढाबा संचालकों को प्रभावित कर रही है, जो बड़ी संख्या में भट्ठियों पर निर्भर हैं। कई दुकानदार बुकिंग कराने के बाद भी ग्राहकों को 7-8 दिन तक इंतजार करने के लिए कह रहे हैं।

इंडक्शन चूल्हों की मांग में तेजी

गैस की कमी के कारण लोग अब इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की ओर बढ़ रहे हैं। दुकानदार मांग का फायदा उठाकर इन्हें तय कीमत से ज्यादा में बेच रहे हैं। कई स्थानों पर इंडक्शन चूल्हों का स्टॉक भी समाप्त हो चुका है, जिससे ग्राहकों को 2-3 दिन बाद डिलीवरी मिल रही है। वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति में व्यवधान, खासकर इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष, ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। इसके असर से देश में गैस और पेट्रोल जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में कमी देखने को मिल सकती है।

सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र

शादियों और बड़े आयोजनों में गैस सिलेंडर की सबसे ज्यादा कमी। होटल, ढाबा और हॉस्टल में खाना बनाने में समस्या। मंदिरों में प्रसाद के लिए थोड़ी राहत, लेकिन यह केवल संक्षिप्त समय के लिए है। गैस की किल्लत ने लोगों को वैकल्पिक उपाय अपनाने के लिए मजबूर किया है, लेकिन इसी के कारण भट्ठियों और इंडक्शन की कीमतें तेजी से बढ़ गई हैं। आम जनता, व्यापारिक संस्थान और आयोजकों के लिए यह संकट दिन-ब-दिन गंभीर होता जा रहा है।



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अखिलेश स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिले, बोले- हम असली संत से आशीर्वाद लेने आए

अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (शंकराचार्य) से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने बयान दिया कि हम असली संत से आशीर्वाद लेने आए हैं, क्योंकि असली संतों से मिलने से नकली संतों का अंत होने जा रहा है।

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अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (शंकराचार्य) से मुलाकात की
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Mar 2026 03:36 PM
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UP News: अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (शंकराचार्य) से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने बयान दिया कि हम असली संत से आशीर्वाद लेने आए हैं, क्योंकि असली संतों से मिलने से नकली संतों का अंत होने जा रहा है। इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा हर अच्छी चीज का विरोध करती है।

गाय और डेयरी पर क्या कहा?

अखिलेश यादव ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी की सरकार थी तो उन्होंने डेयरी परियोजनाएँ बनवाई थीं ताकि गरीबों को फायदा मिले

और गायों की बेहतर देखभाल की जा सके। लेकिन उनके अनुसार भाजपा ने ऐसी योजनाओं का भी विरोध किया। और इसीलिए एक सच्चे संत ने इनकी कलई खोलकर रख दी है। ये भाजपा वाले सच्चे मायने में गौ माता के ही विरोधी हैं।

राजनीतिक संदर्भ

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती हाल के समय में कई राजनीतिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर बयान देते रहे हैं। उनकी मुलाकातें अक्सर राजनीतिक चर्चा का विषय बन जाती हैं, खासकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में। यह मुलाकात धार्मिक आशीर्वाद के नाम पर हुई, लेकिन इसके बाद दिए गए बयान से यह राजनीतिक संदेश भी माना जा रहा है, खासकर भाजपा और नकली संत वाली टिप्पणी को लेकर।



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