विज्ञापन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जल्दी ही बाबा का बुलडोजर चलेगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी में बाबा का बुलडोजर चलाकर एक बड़ी चर्चित इमारत को तोड़ा जाएगा। उत्तर प्रदेश के एक बड़े अधिकारी ने घोषणा की है कि लखनऊ में बाबा का बुलडोजर चलाने का नोटिस जारी कर दिया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जल्दी ही बाबा का बुलडोजर चलेगा। उत्तर प्रदेश की राजधानी में बाबा का बुलडोजर चलाकर एक बड़ी चर्चित इमारत को तोड़ा जाएगा। उत्तर प्रदेश के एक बड़े अधिकारी ने घोषणा की है कि लखनऊ में बाबा का बुलडोजर चलाने का नोटिस जारी कर दिया गया है। नोटिस में चेतावनी दे दी गई है कि यदि 6 जुलाई 2026 तक अवैध इमारत को खुद नहीं तोड़ा गया तो प्रशासन उस इमारत पर बुलडोजर चलाकर उस इमारत को तोड़कर मिट्टी में मिला देगा। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में बाबा का बुलडोजर बहुत पॉपुलर है। उत्तर प्रदेश में अतिक्रमण को हटाने के लिए चलाए जाने वाले बुलडोजर को बाबा का बुलडोजर कहा जाता है। दरअसल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बाबा जी के नाम से भी जाना जाता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश में अतिक्रमण को हटाने के बड़े-बड़े चर्चित अभियान चलाए गए हैं। इसी कारण उत्तर प्रदेश में अतिक्रमण हटाओ अभियान को बाबा का बुलडोजर चलाना कहा जाता है। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज मोहल्ले में 7 जुलाई को बाबा का बुलडोजर चलाया जाएगा। बाबा का यह बुलडोजर अलीगंज की उस चर्चित इमारत पर चलेगा जिस अवैध इमारत में आग लगने के कारण 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हो गई है। उस इमारत पर बुलडोजर चलाने का नोटिस लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने जारी कर दिया है। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुए दर्दनाक कोचिंग अग्निकांड के बाद प्रशासन ने बड़ा और सख्त अभियान शुरू कर दिया है। आग की उस भयावह घटना में 15 छात्रों की मौत के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA), फायर विभाग और जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एलन, ग्रेविटी, आकाश समेत 12 बड़े कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया है। वहीं जिस इमारत में आग लगने से 15 युवाओं की जान गई थी, उस पर अब बुलडोजर चलाने की तैयारी भी शुरू हो गई है। अग्निकांड के बाद कोचिंग हब माने जाने वाले इलाकों में छात्रों और अभिभावकों के बीच गहरी चिंता देखी जा रही है। कई छात्रों का कहना है कि हादसे के बाद उनके मन में डर बैठ गया है। बड़ी संख्या में छात्र अब यह जानना चाहते हैं कि जिन इमारतों में वे पढ़ाई कर रहे हैं, वहां पर्याप्त फायर सेफ्टी इंतजाम हैं या नहीं। कोचिंग संस्थानों के बाहर निरीक्षण और सीलिंग की कार्रवाई के कारण कई स्थानों पर पढ़ाई भी प्रभावित हुई है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा मानकों से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। UP News
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में LDA ने सिर्फ कोचिंग संस्थानों पर ही कार्रवाई नहीं की है, बल्कि भवन मालिकों, संचालकों और संबंधित पक्षों को मिलाकर करीब 1000 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। उनसे भवन स्वीकृति, नक्शा, फायर एनओसी, आपातकालीन निकासी मार्ग और अन्य सुरक्षा दस्तावेजों की जानकारी मांगी गई है। प्रशासन के अनुसार जिन संस्थानों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ सीलिंग और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में स्थित वह इमारत, जहां आग लगने से 15 छात्रों की दर्दनाक मौत हुई, अब प्रशासन के निशाने पर है। प्रारंभिक जांच में इमारत के निर्माण और उपयोग को लेकर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इसी आधार पर LDA ने भवन मालिकों को नोटिस जारी करते हुए ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। UP News
अग्निकांड के बाद हुई जांच में प्रशासनिक लापरवाही के संकेत मिलने पर 18 अधिकारियों और अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। जांच में यह देखा जा रहा है कि आखिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी के बावजूद भवनों को संचालन की अनुमति कैसे मिलती रही। लखनऊ हादसे के बाद सिर्फ राजधानी ही नहीं, बल्कि वाराणसी, कानपुर, गाजियाबाद समेत कई शहरों में कोचिंग संस्थानों की जांच शुरू हो गई है। कई स्थानों पर फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर संस्थानों को सील किया गया है तथा नोटिस जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath पहले ही बेसमेंट में कोचिंग और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्त रोक लगाने के निर्देश दे चुके हैं। अब प्रशासनिक कार्रवाई यह संकेत दे रही है कि उत्तर प्रदेश में फायर सेफ्टी नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाएगा। UP News
विज्ञापन