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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में मोहर्रम के दौरान आयोजित सबील कार्यक्रम एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। महोना कस्बे में लोगों को बालूशाही, कोल्ड ड्रिंक और बिस्कुट बांटने के दौरान एक मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के इटौंजा क्षेत्र में मोहर्रम के दौरान आयोजित सबील कार्यक्रम एक दर्दनाक हादसे में बदल गया। महोना कस्बे में लोगों को बालूशाही, कोल्ड ड्रिंक और बिस्कुट बांटने के दौरान एक मकान का छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में मलबे के नीचे दबकर दो मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रारंभिक जांच में हादसे के पीछे भीड़ का अत्यधिक दबाव और सुरक्षा व्यवस्थाओं की अनदेखी सामने आई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। UP News
पुलिस के अनुसार महोना के वार्ड संख्या-9 स्थित पकरिया मोहल्ले में शुक्रवार शाम मोहर्रम के अवसर पर एक मकान के छज्जे से सबील का वितरण किया जा रहा था। छज्जे पर मौजूद लोग बालूशाही, बिस्कुट और कोल्ड ड्रिंक राहगीरों एवं जुलूस में शामिल लोगों को दे रहे थे। इसी दौरान मोहर्रम का जुलूस वहां पहुंचा और बड़ी संख्या में लोग सबील लेने के लिए मकान के सामने इकट्ठा हो गए। भीड़ बढ़ने के साथ कई लोग वितरण स्थल तक पहुंचने के लिए छज्जे से लटक गए। अचानक भार बढ़ने से पुराना छज्जा टूटकर नीचे गिर गया और वहां मौजूद कई लोग मलबे में दब गए। हादसे में 12 वर्षीय अरमान और 13 वर्षीय अली की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं मोहम्मद हमजा, रुशदा, जियाउल, मन्ना, सना, अजमल, मोहम्मद हसीब, जियांग और मुश्ताक समेत कई लोग घायल हो गए। इनमें चार घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। छज्जा गिरते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मलबा हटाकर घायलों को निकालना शुरू किया। सूचना मिलते ही इटौंजा पुलिस, वरिष्ठ अधिकारी और राहत दल मौके पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय नागरिकों की मदद से सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। UP News
स्थानीय लोगों का कहना है कि सबील वितरण के दौरान किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। कमजोर छज्जे पर कई लोग एक साथ खड़े होकर वितरण कर रहे थे, जबकि कुछ लोग ऊपर से बिस्कुट और अन्य सामग्री नीचे खड़े लोगों की ओर फेंक रहे थे। जैसे ही जुलूस वहां पहुंचा, भीड़ अचानक बढ़ गई और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसी दौरान कई लोग छज्जे से लटक गए, जिससे कमजोर निर्माण भार नहीं झेल सका और पूरा हिस्सा ढह गया। हादसे में दो बच्चों की मौत के बाद पूरे पकरिया मोहल्ले में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सबील का वितरण नीचे सुरक्षित स्थान पर किया जाता और भीड़ नियंत्रण के पर्याप्त इंतजाम होते, तो इतनी बड़ी त्रासदी टाली जा सकती थी। UP News
एसीपी बीकेटी विकास कुमार पांडेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला लापरवाही का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि कमजोर छज्जे पर खड़े होकर सबील वितरित करना गंभीर चूक है। पुलिस घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करेगी तथा जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आयोजकों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। UP News
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