लखनऊ-कानपुर के बीच तेज और सुगम यातायात के लिए शुरू किया गया एक्सप्रेसवे निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने के कुछ ही समय बाद अलग-अलग स्थानों पर सड़क धंसने और सीपेज की समस्या सामने आई है।

UP News : लखनऊ-कानपुर के बीच तेज और सुगम यातायात के लिए शुरू किया गया एक्सप्रेसवे निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने के कुछ ही समय बाद अलग-अलग स्थानों पर सड़क धंसने और सीपेज की समस्या सामने आई है। अब तक करीब 15 स्थानों पर सड़क धंसने और 24 जगहों पर पानी के रिसाव की जानकारी सामने आई है। बारिश के दौरान कुछ हिस्सों में सड़क की ऊपरी परत उखड़ने और जलभराव की स्थिति ने चिंता बढ़ा दी है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 13 जुलाई को किया गया था, जबकि अगले दिन 14 जुलाई से आम वाहनों के लिए यातायात शुरू हुआ। इसे दोनों शहरों के बीच सफर को तेज और सुविधाजनक बनाने वाली अहम परियोजना के तौर पर देखा गया था। हालांकि, मानसून के दौरान सामने आई सड़क संबंधी खामियों ने निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। UP News
एक्सप्रेसवे पर यातायात शुरू होने के महज 13 दिन बाद पहली बड़ी खामी सामने आई। 26 जुलाई को कुरारी गांव के पास किलोमीटर संख्या 64 पर सड़क धंस गई। इसके बाद अलग-अलग हिस्सों में ऐसी समस्याएं सामने आती रहीं। जिन स्थानों पर सड़क धंसी है, वहां मरम्मत के साथ सड़क की परतों और नीचे की मिट्टी की स्थिति की जांच की जा रही है।
सीपेज वाले हिस्सों में पानी के स्रोत का पता लगाने के साथ यह भी देखा जा रहा है कि रिसाव का सड़क की संरचना पर कितना असर पड़ा है। इसके अलावा मिट्टी के घनत्व और जल निकासी व्यवस्था की जांच भी की जा रही है। UP News
शनिवार को बारिश के कारण एक्सप्रेसवे पर मरम्मत का काम प्रभावित रहा। किलोमीटर 28.8 पर सड़क की लेयरिंग और रोलरिंग का काम किया गया, जबकि किलोमीटर 29.9 पर डामर की परत दोबारा उखड़ने की स्थिति सामने आई। वहीं किलोमीटर 60.1 से 61.9 के बीच जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम जारी रहा। कुछ स्थानों पर पानी जमा होने के कारण सड़क की खामियां और ज्यादा स्पष्ट नजर आईं। किलोमीटर 28.8 पर करीब 700 मीटर तक एक लेन को बंद रखकर मरम्मत का काम किया गया। लगातार सामने आ रही इन समस्याओं के बीच निर्माण गुणवत्ता और ड्रेनेज सिस्टम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। UP News
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे करीब 63 किलोमीटर लंबा है और इसके निर्माण पर लगभग 4,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस हिसाब से परियोजना की औसत लागत करीब 66.67 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर बैठती है। छह लेन वाले इस एक्सप्रेसवे में करीब 13.1 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हिस्सा, तीन बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 38 अंडरपास और छह फ्लाईओवर शामिल हैं। यातायात शुरू होने के शुरुआती 24 घंटे में ही इस मार्ग पर 13,328 वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई थी। UP News
एनएचएआई के चीफ रीजनल अफसर गौतम विशाल के अनुसार, जिन स्थानों पर सड़क धंसी थी, वहां करीब डेढ़ मीटर तक खुदाई कर दोबारा सड़क निर्माण किया गया है। कुछ हिस्सों में मरम्मत और सुधार का काम अभी जारी है। उन्होंने बताया कि इन कार्यों के दौरान एक्सप्रेसवे पर वाहनों की आवाजाही जारी रखी गई है। UP News
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