उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव पर बड़ा फैसला : जुलाई से पहले होंगे चुनाव

उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने साफ कर दिया है कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव जुलाई 2026 से पहले हर हाल में संपन्न कराए जाएंगे।

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पंचायत चुनाव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Mar 2026 03:20 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई है। पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने साफ कर दिया है कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव जुलाई 2026 से पहले हर हाल में संपन्न कराए जाएंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी जनप्रतिनिधि का कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

हाईकोर्ट के आदेश के तहत तय होगी चुनाव प्रक्रिया

सरकार ने संकेत दिए हैं कि चुनाव पूरी तरह से इलाहाबाद हाईकोर्ट के निदेर्शों के अनुरूप कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग को विस्तृत तैयारी के निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि समयसीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी हो सके। मंत्री राजभर के अनुसार, ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्षों का कार्यकाल भले अलग-अलग समय पर समाप्त हो रहा हो, लेकिन जुलाई के बाद किसी का भी कार्यकाल नहीं बढ़ेगा। इसी आधार पर चुनाव कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।

आरक्षण का फॉर्मूला : 2011 जनगणना आधार होगा

पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर तय होगा।

नई जनगणना नहीं कराई जाएगी तथा पहले से लागू आरक्षण चक्र को ही जारी रखा जाएगा। पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को जल्द कैबिनेट में मंजूरी मिलेगी। आयोग की रिपोर्ट मिलते ही सीटों का आरक्षण तय कर चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

सीएम योगी के सख्त निर्देश: कानून-व्यवस्था से समझौता नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने त्योहारों और चुनावी माहौल को देखते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। त्योहार पारंपरिक तरीके से और सौहार्द के साथ मनाए जाएं। अराजक तत्वों पर सख्त कार्रवाई होगी। बाइक स्टंट और सार्वजनिक उपद्रव पर रोक लगाई जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ाई जाएगी। नवरात्र, अलविदा की नमाज और ईद-उल-फितर को लेकर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा भी की गई है। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अब तस्वीर पूरी तरह साफ हो चुकी है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि समय पर चुनाव, तय आरक्षण और सख्त प्रशासनिक निगरानी के साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। यह चुनाव न केवल ग्रामीण सत्ता की दिशा तय करेंगे, बल्कि प्रदेश की राजनीति पर भी बड़ा असर डाल सकते हैं।


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राष्ट्रपति मुर्मू का तीन दिवसीय वृंदावन दौरा, प्रशासन अलर्ट; नहीं होगी किसी को परेशानी

राष्ट्रपति के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। शहर के प्रमुख मार्गों, मंदिरों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

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राष्ट्रपति मुर्मू
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Mar 2026 02:28 PM
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UP News : राष्ट्रपति के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं। शहर के प्रमुख मार्गों, मंदिरों और संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। राष्ट्रपति के पूजा-अर्चना कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए मंदिरों का टाइम-टेबल पहले से तय कर लिया गया है, ताकि सुरक्षा और व्यवस्था में कोई बाधा न आए।

बांके बिहारी मंदिर, इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर में बदली दर्शन व्यवस्था

राष्ट्रपति के मंदिर पहुंचने के समय आम भक्तों के लिए प्रवेश अस्थायी रूप से रोक दिया जाएगा। यह कदम सुरक्षा कारणों से उठाया गया है। हालांकि प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि वीआईपी मूवमेंट खत्म होने के बाद मंदिरों के द्वार फिर से खोल दिए जाएंगे, जिससे श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और प्रतिबंधित रास्तों से दूर रहें।

वाहनों की एंट्री सीमित, पार्किंग के बाद पैदल जाना होगा

सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मंदिरों के आसपास वाहनों की आवाजाही सीमित रहेगी। भक्तों को तय पार्किंग स्थलों पर वाहन खड़ा कर पैदल ही मंदिर जाना होगा। राष्ट्रपति के काफिले के दौरान कई रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया जाएगा, जिससे आम लोगों को कुछ असुविधा हो सकती है। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए प्रशासन ने विशेष टीमों को तैनात किया है। दर्शन संभव, लेकिन समय और नियमों का रखना होगा ध्यान। यदि श्रद्धालु तय समय और गाइडलाइन का पालन करते हैं, तो उन्हें बिना परेशानी के दर्शन का अवसर मिल सकता है।


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संभल के निजी परिसर में नमाज अदा करने को लेकर कोर्ट ने दिया स्पष्ट आदेश

संभल में एक निजी परिसर में नमाज अदा करने को लेकर विवाद सामने आया था। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए नमाज पढ़ने वालों की संख्या सीमित कर दी थी, जिसे याचिकाकर्ता ने चुनौती दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 1995 से चली आ रही परंपरा को बरकरार रखा जाए।

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निजी परिसर में नमाज अदा करने को लेकर विवाद
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar19 Mar 2026 01:58 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के संभल में एक निजी परिसर में नमाज अदा करने को लेकर विवाद सामने आया था। स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए नमाज पढ़ने वालों की संख्या सीमित कर दी थी, जिसे याचिकाकर्ता ने चुनौती दी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 1995 से चली आ रही परंपरा को बरकरार रखा जाए। किसी भी नागरिक को उसके निजी परिसर में धार्मिक गतिविधि करने से रोका नहीं जा सकता। संबंधित ढांचे को मौजूदा स्थिति में मस्जिद का दर्जा नहीं दिया जा सकता।

फिर भी नमाज जारी रहेगी

अदालत ने यह भी माना कि उस स्थान का उपयोग पहले से नमाज अदा करने के लिए होता रहा है। इसलिए वहां नमाज पढ़ने पर पूर्ण प्रतिबंध उचित नहीं है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि अधिकारी जिले में कानून का प्रभावी पालन नहीं करा सकते, तो उन्हें पद छोड़ने या स्थानांतरण पर विचार करना चाहिए।

सरकार की दलील

राज्य सरकार ने अदालत में कहा कि वह नागरिकों के धार्मिक अधिकारों में दखल नहीं देती। किसी भी प्रकार के विवाद की स्थिति में प्रशासन सुरक्षा सुनिश्चित करता है। अदालत ने भारत की पहचान को उसकी विविधता से जोड़ते हुए कहा कि यह देश अपनी अलग-अलग संस्कृतियों, धर्मों और भाषाओं के सह-अस्तित्व के कारण विशिष्ट है। इस फैसले से दो बातें साफ होती हैं। व्यक्ति की धार्मिक स्वतंत्रता सर्वोपरि है साथ ही प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखे।


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