मेडिकल जांच में सामने आया बटुकों के साथ हुआ था यौन उत्पीड़न
प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जिसमें बच्चों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मेडिकल जांच में यह तथ्य सामने आया कि पीड़ित बटुकों को कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।

UP News : यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जिसमें बच्चों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मेडिकल जांच में यह तथ्य सामने आया कि पीड़ित बटुकों को कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। मामला पाश्को अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत कुछ अन्य शिष्यों के खिलाफ जांच जारी है।
राजस्थान और बिहार से बच्चों को लाने और धमकियां देने के आरोप
पीड़ितों के अनुसार, उन्हें धार्मिक गतिविधियों और गुरु दीक्षा के नाम पर मठ में लाया गया, जहाँ उनके साथ अनुचित कृत्य किए गए। राजस्थान और बिहार से बच्चों को लाने और धमकियां देने के आरोप भी शामिल हैं। अब तक की जांच में मेडिकल रिपोर्ट ने इन आरोपों की पुष्टि की है।
आरोपों को साजिश करार दिया
अभियुक्त आरोपी आरोपों से इनकार कर रहे हैं और इसे साजिश करार दे रहे हैं। पुलिस की जांच और कोर्ट की कार्रवाई जारी है, जिसमें अग्रिम जमानत की अर्जी पर भी विचार चल रहा है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें धार्मिक नेतृत्व वाली संस्था से जुड़े गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप सामने आए हैं, और मेडिकल साक्ष्य ने मामले की गंभीरता को बढ़ा दिया है। UP News
UP News : यह मामला प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जिसमें बच्चों के साथ यौन शोषण के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मेडिकल जांच में यह तथ्य सामने आया कि पीड़ित बटुकों को कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। मामला पाश्को अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत कुछ अन्य शिष्यों के खिलाफ जांच जारी है।
राजस्थान और बिहार से बच्चों को लाने और धमकियां देने के आरोप
पीड़ितों के अनुसार, उन्हें धार्मिक गतिविधियों और गुरु दीक्षा के नाम पर मठ में लाया गया, जहाँ उनके साथ अनुचित कृत्य किए गए। राजस्थान और बिहार से बच्चों को लाने और धमकियां देने के आरोप भी शामिल हैं। अब तक की जांच में मेडिकल रिपोर्ट ने इन आरोपों की पुष्टि की है।
आरोपों को साजिश करार दिया
अभियुक्त आरोपी आरोपों से इनकार कर रहे हैं और इसे साजिश करार दे रहे हैं। पुलिस की जांच और कोर्ट की कार्रवाई जारी है, जिसमें अग्रिम जमानत की अर्जी पर भी विचार चल रहा है। यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें धार्मिक नेतृत्व वाली संस्था से जुड़े गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोप सामने आए हैं, और मेडिकल साक्ष्य ने मामले की गंभीरता को बढ़ा दिया है। UP News












