उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने वसंत कुंज से IIM रोड तक प्रस्तावित नए मेट्रो कॉरिडोर का औपचारिक सर्वे शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि यह रूट आगे चलकर लखनऊ के एजुकेशन-हब को शहर के मुख्य हिस्सों से सीधे जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार को लेकर एक और बड़ा कदम बढ़ा दिया गया है। उत्तर प्रदेश के तेजी से बदलते इस शहर के उत्तरी इलाकों और बड़े शैक्षणिक संस्थानों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने वसंत कुंज से IIM रोड तक प्रस्तावित नए मेट्रो कॉरिडोर का औपचारिक सर्वे शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि यह रूट आगे चलकर लखनऊ के एजुकेशन-हब को शहर के मुख्य हिस्सों से सीधे जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
UPMRC की टीम इस सर्वे के जरिए यह आकलन करेगी कि प्रस्तावित कॉरिडोर की कुल लंबाई कितनी होगी, कितनी लागत आएगी और रूट का कितना हिस्सा एलिवेटेड या अंडरग्राउंड बनाया जाना बेहतर रहेगा। प्राथमिक संकेतों के मुताबिक कॉरिडोर की लंबाई करीब 10 किलोमीटर के आसपास हो सकती है। लागत नियंत्रित रखने और निर्माण को तेज गति देने के लिए अधिकांश हिस्सा एलिवेटेड रखने की दिशा में तैयारी की जा रही है।
यह प्रस्तावित कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के शिक्षा-केंद्र के रूप में उभर रहे लखनऊ के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है। वसंत कुंज से IIM रोड तक मेट्रो पहुंचने पर हजारों छात्रों, शिक्षकों और शोधार्थियों को सीधी व भरोसेमंद कनेक्टिविटी मिलेगी। अभी IIM और आसपास के संस्थानों तक पहुंचने के लिए लोग अक्सर निजी वाहन, ऑटो या कैब पर निर्भर हैं, जिससे पीक आवर्स में ट्रैफिक का दबाव बढ़ जाता है। मेट्रो शुरू होने से समय की बचत, यात्रा अधिक सुरक्षित और प्रदूषण कम होने की उम्मीद है। लखनऊ मेट्रो विस्तार के मौजूदा रोडमैप में प्राथमिकता चारबाग से वसंत कुंज वाले सेक्शन को दी गई है। जैसे ही यह चरण निर्माण के लिहाज से आगे बढ़ेगा, वसंत कुंज से IIM रोड तक विस्तार की प्रक्रिया को गति मिलने की संभावना है। UPMRC का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि उत्तर प्रदेश की राजधानी में मेट्रो नेटवर्क चरणबद्ध तरीके से अधिकतम क्षेत्रों तक पहुंचे और यात्रियों को निर्बाध सुविधा मिले।
इस बीच UPMRC ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल तक मेट्रो विस्तार के प्रस्ताव को फिलहाल लंबित रखने का फैसला किया है। वजह यह बताई गई है कि नॉर्थ–साउथ कॉरिडोर को केंद्र और राज्य सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। ऐसे में नया हिस्सा जोड़ने पर पूरी परियोजना की DPR में बदलाव करना पड़ेगा और केंद्र से दोबारा मंजूरी लेनी होगी, जिससे प्रक्रिया लंबी हो सकती है। इसके अलावा, राष्ट्र प्रेरणा स्थल तक विस्तार करने पर लगभग 757 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने की बात सामने आई है इसी के चलते फिलहाल इस प्रस्ताव पर ब्रेक लगाया गया है। UP News