Lucknow News : मालकिन की सुरक्षा में तैनात कुत्ता हत्या के आरोप में गिरफ्तार
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 12:30 PM
Lucknow: लखनऊ। राजधानी के बंगाली टोला इलाके में पिटबुल ब्रीड के कुत्ते ने अपनी 80 साल की मालकिन की नोचकर हत्या कर दी। शिकायत के बाद कुत्ते को नगर निगम की टीम ने पकड़ लिया है। उसे जरहरा के डॉग सेंटर में रखा गया है। उस पर 4 डॉक्टर 10 दिन तक उसके स्वभाव की जांच करेंगे।
बंगाली टोला के रहने वाले अमित त्रिपाठी के घर गुरुवार को नगर निगम की टीम कुत्ते उठाने पहुंची थी। मां की मौत के बाद भी अमित का अपने डॉगी के लिए प्यार कम नहीं हुआ था। वह नगर निगम की टीम को डॉगी को नहीं देना चाहता था। अधिकारियों ने उसे समझाया कि ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। आखिर में उन्होंने डॉगी का चेहरा कपड़े से ढका और गोद में उठाकर उसे नगर निगम की गाड़ी में छोड़ा।
टीम को सौंपते समय अमित काफी भावुक हो गए थे। उन्होंने कहा कि उनका कुत्ता बिल्कुल शांत था। पता नहीं किस कारण उससे यह गलती हो गई। अमित ने अपने पड़ोसियों और कुछ मीडिया पर डॉगी के कैरक्टर एसासिनेशन यानी उसे बदनाम करने का भी आरोप लगाया है। गौरतलब है कि लखनऊ में दो दिन पहले 80 साल की महिला को नोचकर उसी के पालतू पिटबुल डॉगी ने हत्या कर दी थी।
नगर निगम के संयुक्त निदेशक डॉक्टर एके राव ने बताया कि अब उस डॉगी को अगले 7 से 10 दिनों तक जरहरा के सेंटर में रखा जाएगा। वहां 4 डॉक्टरों की टीम पिटबुल के बर्ताव की निगरानी रखेगी। उन्होंने बताया कि यह देखा जाएगा कि आखिर यह कुत्ता इतना हिंसक क्यों हुआ? उसको नगर निगम के सेंटर पर जेल जैसे पिंजरे में रखा गया है। नगर निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉक्टर अभिनव वर्मा ने बताया कि इस डॉगी को स्टेरलाइज भी किया जाएगा।
डॉगी को उठाने के लिए नगर निगम की टीम बुधवार को भी मौके पर गई थी। मगर, उनको तीन बार लौटना पड़ा था। दरअसल, त्रिपाठी परिवार मृतक सुशीला त्रिपाठी के अंतिम संस्कार में गया हुआ था। गुरुवार की सुबह ही टीम फिर से पहुंच गई और उसने डॉगी को उठा लिया। उसको उठाने के लिए कैटल कैचिंग टीम के साथ डॉक्टर भी गए थे।
पिटबुल ने 12 जुलाई को अपनी 80 साल की मालकिन सुशीला त्रिपाठी पर हमला कर दिया था। उनको पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनको ट्रॉमा सेंटर के लिए रेफर किया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सुशीला त्रिपाठी की मृत्यु के बाद उनके पुत्र अमित ने भी नगर निगम को सूचित किया कि नगर निगम उनके डॉगी को लेकर जाए, क्योंकि आसपास के लोगों ने भी पिटबुल को लेकर आपत्ति जताई थी।
नगर निगम के संयुक्त निदेशक डॉक्टर एके राव ने छह प्रजाति के कुत्तों को न पालने का आग्रह किया है। दलील है कि उनको बैन करने का अधिकार भारत सरकार के पास है। ऐसे में वह सलाह देने का काम करेंगे। इसमें अमेरिकन पिटबुल, जर्मन डॉग रोटवीलर, सिबेरियन, हुसकी, डाबरमैन, पिन्सचर और बॉक्सर ब्रीड के डॉगी शामिल हैं। राव ने आगे कहा कि शहर में जो भी व्यक्ति डॉगी पालेगा, उसको उनकी इजाजत लेनी पड़ेगी। उसका लाइसेंस बनवाना पड़ेगा।