Lucknow News: प्रदेश के 50.10 लाख गन्ना किसानों को बांटे अंशधारक प्रमाणपत्र
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 04:14 AM
Lucknow: लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के 50.10 लाख गन्ना किसानों को अंशधारक प्रमाणपत्र ( शेयर सर्टिफिकेट) वितरित किये। इसके तहत प्रदेश के 40 जिलों की 168 सहकारी गन्ना विकास समितियों और 24 सहकारी चीनी मिल समितियों से आने वाले गन्ना किसानों को प्रमाणपत्र दिया गया। यह पहली बार है जब गन्ना किसानों को अंशधारक प्रमाण पत्र वितरित किये जा रहे हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के जरिए प्रदेश सरकार ने गन्ना माफियाओं की कमर तोड़ दी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि किसान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं। पहले की सरकारें अनिर्णय की शिकार थीं और जो भी निर्णय लिए जाते थे वो उनके अपने हितों वाले होते थे। किसानों का हित उसमें शामिल नहीं था।
योगी ने कहा कि हम लगातार किसानों के लिए काम कर रहे हैं। किसानों की खुशहाली हमारी लक्ष्य है। किसानों के लिए हर तरह की सुविधा देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने गन्ना के बकाया भुगतान पर कहा कि हमारी कोशिश है कि नया सत्र प्रारंभ होने से पहले भुगतान कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान जहां महाराष्टï्र और कर्नाटक तथा ब्राजील की चीनी मिलें बंद हो गयी थीं। वहां सरकार के प्रयासों से प्रदेश में चीनी मिलें बिना रूकावट के चलती रहीं। उन्होंने कहा कि किसानों के मसीहा चौ. चरण सिंह की कर्मभूमि में बंद पड़ी रमाला चीनी मिल को भी एकमुश्त पैसा देकर उसे शुरू किया गया और आज वह सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहाकि गन्ना किसानों का 6 से 7 हजार करोड़ रूपए का बकाया है उसे भी जल्द देने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम गन्ना किसानों के लिए नई तकनीक अपनाने की तरफ अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने अब तक 1.77 हजार करोड़ रुपये गन्ना किसानों का भुगतान किया। किसानों का हक कोई न मार सके इसलिए ई-पर्ची व्यवस्था का प्रयोग किया जा रहा है। हमारी सरकार ने गन्ना माफियाओं की कमर तोड़ दी है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हम गन्ने की खेती को बेहतर करने के लिए काम कर रहे हैं। किसानों को अच्छे बीच उपलब्ध करवा रहे हैं। किसानों को भी तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। हमारी कोशिश है कि समय से किसानों को भुगतान हो। उन्हें उन्नत बीज मिलें और उनकी फसल पर उन्हें लाभ मिले।