उत्तर प्रदेश की राजधानी में रायबरेली रोड पर लंबे समय से लोगों को परेशान कर रहे ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए उतरेठिया रेलवे स्टेशन के पास एक नए दो लेन रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही योगी सरकार ने राजधानी लखनऊ के दक्षिणी हिस्से को एक बड़ी राहत देने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश की राजधानी में रायबरेली रोड पर लंबे समय से लोगों को परेशान कर रहे ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए उतरेठिया रेलवे स्टेशन के पास एक नए दो लेन रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। साउथ सिटी और रजनीखंड के बीच बनने वाले इस पुल के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 157 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश के तेजी से विकसित हो रहे शहरी इलाकों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। उम्मीद है कि इस ओवरब्रिज के बनने के बाद रायबरेली रोड पर रोजाना लगने वाले जाम से हजारों नहीं, बल्कि लाखों लोगों को राहत मिलेगी।
इस ओवरब्रिज के निर्माण से सरोजनीनगर क्षेत्र समेत एसजीपीजीआई, तेलीबाग, रजनीखंड, साउथ सिटी और आसपास की सैकड़ों कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। अब तक रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर एम्बुलेंस, स्कूल वाहनों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और आम यात्रियों को लंबे समय तक फाटक खुलने का इंतजार करना पड़ता था। उत्तर प्रदेश की राजधानी में रोजमर्रा की इस परेशानी ने लोगों की आवाजाही को लगातार कठिन बना रखा था। परियोजना के लागू होने के बाद न केवल ट्रैफिक की रफ्तार बेहतर होगी, बल्कि आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही भी आसान हो सकेगी। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी, जो उत्तर प्रदेश जैसे तेजी से विकसित हो रहे राज्य के शहरी प्रबंधन के लिहाज से बेहद अहम है।
सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह लंबे समय से इस ओवरब्रिज को मंजूरी दिलाने के प्रयास में जुटे थे। निर्माण स्वीकृति मिलने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति आभार जताते हुए इसे क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को अब स्थानीय जरूरतों और जनसुविधा से सीधे जोड़कर देखा जा रहा है, और यह परियोजना उसी सोच का परिणाम है। डॉ. सिंह के मुताबिक, लंबे समय से स्थानीय नागरिक, समाज के जिम्मेदार लोग और क्षेत्र के कई प्रतिनिधि इस पुल की मांग उठा रहे थे। ऐसे में इस परियोजना को मंजूरी मिलना केवल एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि जनभावनाओं को सम्मान देने जैसा कदम भी है।
रायबरेली रोड उत्तर प्रदेश की राजधानी की उन प्रमुख सड़कों में शामिल है, जहां बीते वर्षों में यातायात का दबाव लगातार बढ़ा है। शहर के फैलते दायरे और आसपास के इलाकों में बसावट बढ़ने के कारण इस मार्ग पर जाम आम समस्या बन गया था। ऐसे में 157 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह दो लेन ओवरब्रिज उत्तर प्रदेश में आधुनिक और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की नीति का अहम हिस्सा माना जा रहा है। यह पुल आने वाले समय में न सिर्फ स्थानीय यातायात को व्यवस्थित करेगा, बल्कि पूरे इलाके की कनेक्टिविटी को भी नई मजबूती देगा। इससे दैनिक यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों और संस्थागत आवागमन को भी फायदा होगा।
उत्तर प्रदेश की राजधानी का दक्षिणी इलाका जिस गति से विकसित हो रहा है, उसे देखते हुए यह परियोजना बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। साउथ सिटी और रजनीखंड के बीच बनने वाला यह ओवरब्रिज क्षेत्रीय विकास, बेहतर यातायात और शहरी सुविधा का नया आधार बन सकता है। प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि टेंडर प्रक्रिया और तकनीकी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा, ताकि तय समयसीमा में लोगों को इसका लाभ मिल सके। UP News