विज्ञापन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर पूरे प्रदेश में नवविवाहिता श्वेता सिंह की मौत चर्चा का विषय बनी हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस को आशंका है कि नवविवाहिता श्वेता सिंह की हत्या की गई है। श्वेता सिंह के ससुराल वाले उसकी मौत को आत्महत्या साबित करने का प्रयास कर रहे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर पूरे प्रदेश में नवविवाहिता श्वेता सिंह की मौत चर्चा का विषय बनी हुई है। उत्तर प्रदेश पुलिस को आशंका है कि नवविवाहिता श्वेता सिंह की हत्या की गई है। श्वेता सिंह के ससुराल वाले उसकी मौत को आत्महत्या साबित करने का प्रयास कर रहे हैं। श्वेता सिंह के मायके वालों का आरोप है कि उनकी बेटी को दहेज के कारण मार डाला गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। श्वेता सिंह की मौत का मामला पूरे उत्तर प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। UP News
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज के विश्वनगर मल्हाई टोला में रहने वाली श्वेता सिंह की शादी 22 नवंबर 2025 को लखनऊ के ही काशी विहार के रहने वाले शिवम सिंह उर्फ भूपेंद्र सिंह से हुई थी। भूपेंद्र एक लैब में कार्यरत बताया जा रहा है। बीते रविवार सुबह करीब 11 बजे परिवार को सूचना मिली कि श्वेता ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। इस सूचना से कोहराम मच गया। श्वेता अपने परिवार की तीन बहनों में सबसे छोटी थी और घर की सबसे चहेती भी। उसकी बहनों ने भावुक होकर बताया कि परिवार ने अपनी हैसियत से बढक़र उसकी शादी बड़े धूमधाम से की थी, लेकिन उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि शादी के महज छह महीने के भीतर ऐसी दुखद स्थिति सामने आ जाएगी। बड़ी बहन का आरोप है कि शादी के दिन ही दूल्हे भूपेंद्र ने दहेज को लेकर बड़ी मांग रख दी थी। जब वह पूरी नहीं हुई, तो वह इतना नाराज हो गया कि विदाई के दौरान श्वेता को किसी से मिलने तक की अनुमति नहीं दी। परिजनों के मुताबिक उस समय श्वेता के बुजुर्ग पिता ने अपने दामाद को समझाने के लिए दामाद के पैर तक पकड़ लिए थे, लेकिन उसका व्यवहार नहीं बदला। UP News
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहने वाले श्वेता सिंह के परिवार का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष श्वेता को कम दहेज लाने को लेकर लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान कर रहा था। आरोप है कि पति भूपेंद्र मायके से मिले सामान, जैसे सोफा और बेड को लेकर लगातार ताने देता था और दहेज में स्कॉर्पियो कार की मांग कर रहा था। श्वेता की बहन ने बताया कि 24 मई को जब उनकी उससे मुलाकात हुई थी, तब उसके शरीर पर किसी प्रकार की चोट नहीं थी। लेकिन ट्रॉमा सेंटर में शव देखने पर पैरों पर गंभीर चोट और खून के निशान दिखाई दिए। बहनों का यह भी कहना है कि सास और ननद भी उसे अक्सर ताने देती थीं। जब श्वेता अपनी परेशानी परिवार से साझा करती थी, तब उन्होंने इसे सामान्य घरेलू विवाद समझकर समझौता करने की सलाह दी थी, जिसका अब उन्हें गहरा अफसोस है। श्वेता की बहनों ने ससुराल पक्ष के व्यवहार को लेकर कई अन्य बातें भी सामने रखीं। उनका कहना है कि भूपेंद्र नहीं चाहता था कि श्वेता नौकरी करे और शादी के दौरान उसकी नौकरी भी छुड़वा दी गई थी। उत्तर प्रदेश पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। UP News
विज्ञापन