उत्तर प्रदेश के इस शहर में नई आवासीय भूखंड योजना की शुरुआत, जीडीए ने तैयार की योजना

गाजियाबाद में लंबे अंतराल के बाद नई आवासीय भूखंड योजना की शुरुआत की गई है। करीब 14 साल बाद आई इस पहल से शहर के नियोजित विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह आवासीय योजना नंदग्राम क्षेत्र के ग्राम नूरनगर में विकसित की जा रही है।

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नई आवासीय भूखंड योजना
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar24 Feb 2026 01:22 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में लंबे अंतराल के बाद नई आवासीय भूखंड योजना की शुरुआत की गई है। करीब 14 साल बाद आई इस पहल से शहर के नियोजित विस्तार को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह आवासीय योजना नंदग्राम क्षेत्र के ग्राम नूरनगर में विकसित की जा रही है। इसका ब्रॉशर हिंडन एयरपोर्ट परिसर में जारी किया गया। योजना को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) द्वारा तैयार किया जा रहा है।

प्लॉट साइज और कीमत

* भूखंड आकार: 60 वर्ग मीटर से 221 वर्ग मीटर तक

* निर्धारित दर: 79,000 प्रति वर्ग मीटर

* सभी प्लॉट उत्तर प्रदेश रेरा में पंजीकृत

इसका मतलब है कि खरीदारों को नियामकीय सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों मिलेंगी।

कैसे होगा आवंटन?

पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। आवेदन केवल आॅनलाइन स्वीकार होंगे। सभी भूखंडों का आवंटन ई-लॉटरी प्रणाली से होगा। परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर सार्वजनिक किए जाएंगे, इससे प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी बनी रहेगी।

पंजीकरण राशि सामान्य वर्ग के लिए 10%, आरक्षित वर्ग के लिए 5%, शेष भुगतान: 10% वार्षिक ब्याज के साथ 8 तिमाही किस्तों में

होगा। पूर्ण भुगतान और रजिस्ट्री के बाद 36 महीनों के भीतर कब्जा दिया जाएगा।

क्यों महत्वपूर्ण है यह योजना?

14 वर्षों बाद नई भूखंडीय योजना आई है। मध्यम वर्ग और निवेशकों के लिए यह बेहतरीन अवसर है। सुनियोजित शहरी विकास को गति मिलेगी। यह पहल गाजियाबाद में आवासीय निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ पारदर्शी और तकनीक-आधारित आवंटन प्रणाली को भी मजबूत करेगी। आवासीय योजना की लोगों को लंबे समय से प्रतीक्षा थी। UP News


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यौन शोषण केस में बड़ा मोड़, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पहुंचे हाईकोर्ट

यह याचिका अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के माध्यम से प्रस्तुत की गई है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में इस पर जल्द सुनवाई हो सकती है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश में चल रही इस पूरे प्रकरण की आगे की कानूनी राह काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 01:06 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़ा यौन उत्पीड़न/यौन शोषण का मामला अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। गिरफ्तारी की आशंका के बीच स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की ओर से अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की गई है। यह याचिका अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के माध्यम से प्रस्तुत की गई है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट में इस पर जल्द सुनवाई हो सकती है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश में चल रही इस पूरे प्रकरण की आगे की कानूनी राह काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी।

जिला कोर्ट के आदेश के बाद दर्ज हुई FIR

मामले की शुरुआत उस समय हुई, जब तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने धारा 173(4) के तहत जिला कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया। इसके बाद एडीजे (रेप एवं पॉक्सो) स्पेशल कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने झूंसी पुलिस को मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए। कोर्ट के निर्देश के अनुपालन में झूंसी थाना पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी और 2-3 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। एफआईआर में बीएनएस की धारा 351(3) के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज होने की बात कही गई है। पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद विवेचना शुरू कर दी है।एफआईआर दर्ज होने के बाद UP पुलिस की झूंसी टीम स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से पूछताछ के लिए उनके वाराणसी स्थित मठ तक जा सकती है। वहीं, पुलिस नाबालिगों के कलमबंद बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रही है। पुलिस टीम ने रविवार को घटनास्थल का निरीक्षण कर नजरी नक्शा तैयार किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

आरोप-प्रत्यारोप में केस ने पकड़ा नया मोड़

इस बीच, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत में मामले को लेकर सरकार और आशुतोष ब्रह्मचारी पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने आशुतोष ब्रह्मचारी को “हिस्ट्रीशीटर” बताए जाने का दावा किया। उधर, आशुतोष ब्रह्मचारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि शामली जिले के कांधला थाने से जुड़ा “हिस्ट्रीशीटर” वाला आरोप गलत है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि उनके खिलाफ ऐसे दावे हैं तो थाने या अदालत का कोई ठोस साक्ष्य सार्वजनिक किया जाए। आशुतोष ने यह भी आरोप लगाया कि स्वामी के इशारे पर उनके खिलाफ 21 मुकदमों की एक सूची तैयार कर “थाने की मोहर” लगाकर प्रसारित की गई, जिसे वह फर्जी बता रहे हैं। उनका कहना है कि इस कथित फर्जी सूची को लेकर उन्होंने संबंधित थाने में अलग से शिकायत/मुकदमा भी दर्ज कराया है। UP News

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बरेली में कानून के रखवाले पर हुआ हमला, मुकदमा दर्ज

पीड़ित अधिवक्ता अख्तर अली का कहना है कि उन्होंने मौलाना खुर्शीद के पीछे नमाज पढ़ने से इनकार किया था, जिसके बाद 50 से अधिक लोग उनके घर में बने चैंबर में घुस आए, गाली-गलौज की और मारपीट की।

बरेली में अधिवक्ता पर कथित हमला
बरेली में अधिवक्ता पर कथित हमला
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 12:32 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से कानून-व्यवस्था से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले स्तिथ हाफिजगंज थाना क्षेत्र के सेंथल कस्बे में एक वकील पर नमाज से जुड़े विवाद को लेकर हमला किए जाने का आरोप लगा है। पीड़ित अधिवक्ता अख्तर अली का कहना है कि उन्होंने मौलाना खुर्शीद के पीछे नमाज पढ़ने से इनकार किया था, जिसके बाद 50 से अधिक लोग उनके घर में बने चैंबर में घुस आए, गाली-गलौज की और मारपीट की।

नमाज विवाद बना वजह

पीड़ित के मुताबिक, रविवार शाम वह अपने घर पर बने चैंबर में बैठकर काम कर रहे थे। इसी दौरान एक बड़ी भीड़ अचानक वहां पहुंची और गाली-गलौज करते हुए चैंबर में घुस गई। आरोप है कि इसके बाद उन्हें घेरकर पीटा गया। वकील का कहना है कि हमले की वजह नमाज़ से जुड़ा वही विवाद था, जिसमें उन्होंने मौलाना खुर्शीद के पीछे नमाज़ पढ़ने से मना कर दिया था। अख्तर अली ने पुलिस को दी तहरीर में यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान एक व्यक्ति ने उनका गला दबाने की कोशिश की। शोर सुनकर आसपास के कुछ लोगों ने बीच-बचाव किया, तब कहीं जाकर वह बच पाए। पीड़ित का दावा है कि हमलावरों ने धमकी दी कि “आगे बात नहीं मानी तो अंजाम बुरा होगा।” इतना ही नहीं, चैंबर में रखी जरूरी फाइलें और दस्तावेज भी कथित तौर पर फाड़े गए और सामान अस्त-व्यस्त कर दिया गया। पीड़ित के अनुसार, चैंबर में आग लगाने की धमकी भी दी गई, जिससे परिवार में डर का माहौल बन गया। वकील ने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की है।

4 नामजद समेत 54 पर केस दर्ज

उत्तर प्रदेश पुलिस ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर हाफिजगंज थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, इस केस में 4 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि करीब 50 अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। नामजद आरोपियों में भूरा उर्फ इरफान मियां, वसीम मनीदार, दानिश और मौलाना खुर्शीद के नाम शामिल बताए गए हैं। UP News

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