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उत्तर प्रदेश के इश्कबाज प्रोफेसर डॉ. परमजीत को कोल कोठरी में बंद रहना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश की पुलिस के द्वारा गिरफ्तार करके जेल भेजे गए इश्कबाज प्रोफेसर को जेल की काल कोठरी (हाई सिक्योरिटी सेल) में रखा गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के इश्कबाज प्रोफेसर डॉ. परमजीत को कोल कोठरी में बंद रहना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश की पुलिस के द्वारा गिरफ्तार करके जेल भेजे गए इश्कबाज प्रोफेसर को जेल की काल कोठरी (हाई सिक्योरिटी सेल) में रखा गया है। अपनी बेटी की उम्र की छात्रा को ‘‘डॉर्लिंग तुम्हारे लिए पेपर आउट करा दिया है।“ कहने वाले इश्कबाज प्रोफेसर को विश्वविद्यालय की नौकरी से निलंबित कर दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्दी ही इस इश्कबाज प्रोफेसर को बर्खास्त भी कर सकता है। उसे बर्खास्त करने की मांग लगातार उठाई जा रही है। UP News
इस इश्कबाज प्रोफेसर का नाम डॉ. परमजीत सिंह है। यह इश्कबाज प्रोफेसर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थापित लखनऊ यूनिवर्सिटी में पढ़ाता था। लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रशासन ने उसे निलंबित कर दिया है। आपको बता दें कि इस इश्कबाज प्रोफेसर का गंदा चेहरा हाल ही में प्रोफेसर तथा BSC की थर्ड ईयर की एक छात्रा के बीच कथित बातचीत का ऑडियो वायरल होने के बाद सामने आया था। ऑडियो वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े छात्रों ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कैंपस में प्रदर्शन किया था। UP News
वायरल ऑडियो में परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करने और छात्रा पर अनुचित दबाव बनाने जैसी बातें सामने आई थीं। मामले के सार्वजनिक होने के बाद पुलिस ने आरोपी शिक्षक को कैंपस से हिरासत में लिया था तथा पूछताछ के बाद अगले दिन उसे जेल भेज दिया गया था। UP News
इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंतरिक शिकायत समिति (ICC) को जिम्मेदारी सौंपी। ICC ने छात्रा के आरोपों की जांच कर अपनी रिपोर्ट कार्य समिति को सौंप दी। इसके बाद विश्वविद्यालय ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय अनुशासनात्मक जांच समिति गठित की। समिति ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में आरोपी शिक्षक को प्रथम दृष्टया चार गंभीर आरोपों में दोषी माना है। जांच समिति के अनुसार आरोपी शिक्षक पर छात्रा को पेपर लीक का लालच देकर यौन शोषण का प्रयास करने, शिक्षक आचरण नियमावली का उल्लंघन करने और मानसिक उत्पीडऩ करने के आरोप हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आरोपी ने ICC के समक्ष गोपनीय परीक्षा संबंधी जानकारी साझा करने की बात स्वीकार की। इस दौरान छात्र संगठनों ने आरोपी शिक्षक की बर्खास्तगी और परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग उठाई है। मामले को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में अब भी चर्चा और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। माना जा रहा है कि इश्कबाज प्रोफेसर को जल्दी ही बर्खास्त कर दिया जाएगा। UP News
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