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UP NEWS: पुलिस ने लाखन आर्मी के 15 सदस्यों पर मुकदमा दर्ज किया है। क्षेत्र में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की।

UP NEWS :लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के कासमंडी में एक एतिहासिक परिसर को लेकर जारी विवाद गहराता जा रहा है। पुलिस ने लाखन आर्मी के 15 सदस्यों पर मुकदमा दर्ज किया है। क्षेत्र में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन हुआ जिसके बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस एक्शन की लाखन आर्मी के प्रमुख सूरज पासी ने कड़ी निंदा की है।
सूरज पासी ने आरोप लगाया कि पुलिस विदेशी आक्रांताओं के पक्ष में काम कर रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो राज्य भर में आंदोलन छेड़ा जाएगा।
पासी समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। समाज का कहना है कि अगर वहां लगातार नमाज पढ़ी गई, तो वे वहां हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
क्या है पूरा विवाद?
मलिहाबाद क्षेत्र के कासमंडी में स्थित एक पुरानी संरचना को लेकर पासी समाज और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के बीच विवाद खड़ा हुआ है। पासी समाज का दावा है कि यह जगह 11वीं शताब्दी के राजपासी राजा कंस का प्राचीन किला है, जिसमें शिव मंदिर भी था। वहीं, इस जगह पर मुस्लिम समुदाय नमाज पढ़ता रहा है और वहां मस्जिद व कब्रिस्तान मौजूद हैं।
पासी समाज का दावा क्या है?
पासी समाज राजा कंस को अवध क्षेत्र में विदेशी आक्रमणकारी सालार मसूद गाजी के खिलाफ लड़ने वाला योद्धा माना जाता है। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में स्थानीय परंपराओं, क्षेत्रीय इतिहास और एक पुराने ब्रिटिश गजेटियर का हवाला दिया है। समाज ने प्रशासन से पुरातात्विक और राजस्व अभिलेखों की जांच कराने की भी मांग की है।
मुस्लिम पक्ष क्या कह रहा है?
वहीं मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वह इस जगह पर लंबे समय से नमाज पढ़ी जा रही है। मुस्लिम पक्ष ने आरोप लगाया है कि धार्मिक स्थलों को लेकर लगातार विवाद खड़े किए जा रहे हैं, जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
लाखन आर्मी ने राजा कंस के किले और शिव मंदिर की मुक्ति के लिए एक विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके लिए लाखन आर्मी गांव-गांव जाकर अपने समाज को जागरुक करने की तैयारी में है। फिलहाल संभावित टकराव को रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
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