
UP News / लखनऊ। योगी सरकार की 17 शहरों में 'दीदी कैफे' शुरु करने की योजना है। वाराणसी में पहले ही इसकी शुरुआत हो चुकी है। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इन कैफे को चलाएंगी। नगर विकास विभाग के आला अफसरों की बैठक में इसका खाका खींचा गया है। दीन दयाल अंत्योदय योजना के राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन इसका संचालन कराएगा। अभी यह कैफे नगर निगम वाले शहरों में शुरु होगा।
प्रमुख सचिव नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन अमृत अभिजात की बैठक में दीदी कैफे खोलने की योजना पर मुहर लगाई गई है।
पहले चरण में यह कैफे लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद और आगरा में खुलेगा।
बरेली, मेरठ, मुरादाबाद और अलीगढ़ के साथ सहारनपुर जिला भी इसमें शामिल होगा।
प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर और मथुरा-वृंदावन में भी खुलेगा।
इन शहरों में नगर निगम हैं। शहरों के नगर निगम कार्यालयों में दीदी कैफे शुरु कराया जाएगा।
बाद में अन्य निकायों में भी दीदी कैफे शुरु करने की योजना है।
दीदी कैफे शुरु करने का मकसद शहरी गरीब सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
लोगों को उचित मूल्य पर साफ सुथरा भोजन मिल सकेगा।
वाराणसी में चल रहे कैंटीन के अनुभव के आधार डूडा से प्रस्ताव तैयार कराया जाएगा।
उसी प्रस्ताव के आधार पर, सभी निकायों में दीदी कैफे शुरु कराया जाएगा।
ऐसा नहीं कि वाराणसी में चल रहे कैंटीन के अनुभव के आधार पर ही इस कैफे का संचालन किया जाएगा। साउथ इंडिया और छत्तीसगढ़ में महिला समूहों द्वारा किए जा रहे कार्य का भी अध्ययन किया जाएगा। इन राज्यों में विभाग के अफसरों की टीम भेजी जाएगी। वहां पर चल रहे अभिनव प्रयोगों की स्टडी कर टीम नया प्रस्ताव तैयार करेगी।
दीनदयाल अंत्योदय योजना के तहत राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तहत महिला समूह स्कूल और सरकारी ऑफिसों में कैंटीन संचालित करती हैं। जिसे दीदी कैफे कहा जाता है। इस योजना से समहू की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं। इसके साथ ही स्कूलों में बच्चों को साफ-सुथरा खानपान की सामग्री भी उपलब्ध हो रही है।
दीदी कैफे योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तहत वाराणसी में शुरू किया गया है। इस कैफे का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों के जरिए किया जा रहा है। शहर में 121 दीदी कैफे संचालित हो रहे हैं। सरकारी कार्यालयों और सीएचसी में 28 और स्कूलों में 93 कैफे चल रहे हैं। वाराणसी में इसका अच्छा फीडबैक मिलेगा। अब सरकार इस योजना को पूरे सूबे में लागू करना चाहती है, इसके लिए सहमति भी बन गई है। प्रमुख सचिव नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन अमृत अभिजात की अध्यक्षता में हुई बैठक इसपर विचार-विमर्श हुआ। इसको लेकर नगर विकास विभाग ने तैयारी भी शुरू कर दी है। UP News
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