यूपी प्रशासन को हाईकोर्ट का तगड़ा तमाचा! पूछा तीखा सवाल
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 06:55 PM
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ी फटकार लगाते हुए आदेश दिया है कि बिना सुनवाई के सील किए गए 30 मदरसों को तुरंत खोला जाए। कोर्ट ने राज्य सरकार की कार्रवाई को अनुचित और कानून के खिलाफ करार देते हुए कहा कि किसी भी संस्था के खिलाफ कार्रवाई से पहले उसे अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। Uttar Pradesh News
यह आदेश श्रावस्ती जिले के उन मदरसों से जुड़ा है जिन्हें प्रशासन ने नोटिस देकर सील कर दिया था। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उन्हें न तो सही ढंग से नोटिस दिया गया और न ही अपनी बात कहने का मौका मिला।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
जस्टिस पंकज भाटिया की एकल पीठ ने कहा कि राज्य सरकार ने बिना कानूनी प्रक्रिया अपनाए सीधे कार्रवाई की, जो संवैधानिक मूल्यों और न्याय की प्रक्रिया के खिलाफ है। कोर्ट ने कहा कि सरकार चाहे तो कानूनी प्रक्रिया के तहत सुनवाई करके नया आदेश जारी कर सकती है। वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत चंद्र ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पक्ष रखते हुए बताया कि, नोटिसों की सेवा ठीक से नहीं की गई थी। सभी नोटिस एक ही नंबर से जारी किए गए। प्रशासन ने बिना व्यक्तिगत सुनवाई के सीधे मदरसों को सील कर दिया। इस पर कोर्ट ने माना कि प्रक्रिया में भारी चूक हुई है।
सरकार की ओर से कहा गया कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गैर-सरकारी अरबी और फारसी मदरसा मान्यता, प्रशासन और सेवा नियमावली-2016 के तहत की गई है, और यह विधिसम्मत है। हालांकि कोर्ट ने सरकार की दलीलों को खारिज करते हुए तत्काल मदरसे खोलने का निर्देश जारी किया। Uttar Pradesh News