इश्क़ से इंक़लाब तक: हसरत मोहानी के 5 यादगार शेर

वे सिर्फ़ एक प्रसिद्ध उर्दू शायर नहीं, बल्कि ऐसे राजनीतिक कार्यकर्ता थे जिनके विचार अपने समय से आगे थे। 1921 में “इंक़लाब ज़िंदाबाद” जैसा दमदार नारा पहली बार उनके लिखे हुए शब्दों के रूप में सामने आया।

हसरत मोहानी की शायरी
हसरत मोहानी की शायरी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Jan 2026 01:48 PM
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Hasrat Mohani : सैयद फ़ज़ल-उल-हसन, जिन्हें उर्दू दुनिया हसरत मोहानी के नाम से जानती है (1 जनवरी 1875–13 मई 1951), भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की उन बेबाक आवाज़ों में थे, जिन्होंने कलम और कर्म दोनों से लड़ाई लड़ी। वे सिर्फ़ एक प्रसिद्ध उर्दू शायर नहीं, बल्कि ऐसे राजनीतिक कार्यकर्ता थे जिनके विचार अपने समय से आगे थे। 1921 में “इंक़लाब ज़िंदाबाद” जैसा दमदार नारा पहली बार उनके लिखे हुए शब्दों के रूप में सामने आया। यही नारा आगे चलकर आज़ादी की लड़ाई की पहचान बना और भगत सिंह, अशफ़ाक़ुल्लाह ख़ां व राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी जैसे क्रांतिकारियों के साथ जन-जन की जुबान पर चढ़ गया। उसी दौर में कांग्रेस के अहमदाबाद अधिवेशन में पूर्ण स्वतंत्रता की मांग उठाने वालों में उनका नाम सबसे पहले लिया जाता है।

शुरुआती जीवन और शिक्षा

हसरत मोहानी का जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव ज़िले के मोहान कस्बे में हुआ। उनके पिता का नाम सैयद अज़हर हुसैन बताया जाता है। शुरुआती पढ़ाई उन्होंने घर पर ही की और बाद में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से 1903 में बी.ए. पूरा किया। छात्र जीवन से ही उन्हें शायरी का शौक था और वे अपना कलाम उस समय के साहित्यिक दायरे में दिखाने-सुनाने लगे।

पत्रकारिता से राजनीति तक

1903 में उन्होंने अलीगढ़ से पत्रिका ‘उर्दू-ए-मुअल्ला’ निकाली। यह पत्रिका अंग्रेज़ी हुकूमत की नीतियों पर तीखी टिप्पणी के लिए जानी गई। 1904 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़े और जल्द ही राष्ट्रीय आंदोलन के सक्रिय चेहरों में शामिल हो गए। 1905 के स्वदेशी आंदोलन में भी उन्होंने भागीदारी की। उनकी लिखाई का असर इतना तीखा था कि 1907 में पत्रिका में प्रकाशित एक लेख जिसमें ब्रिटिश नीति की आलोचना थी के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

हसरत मोहानी के टॉप 5 शेर

1 - वफ़ा तुझ से ऐ बेवफ़ा चाहता हूँ,

मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ। 

2 - और तो पास मिरे हिज्र में क्या रक्खा है,

इक तिरे दर्द को पहलू में छुपा रक्खा है। 

3 -मिलते हैं इस अदा से कि गोया ख़फ़ा नहीं,

क्या आप की निगाह से हम आश्ना नहीं। 

4 - कभी की थी जो अब वफ़ा कीजिएगा,

मुझे पूछ कर आप क्या कीजिएगा। 

5 - शिकवा-ए-ग़म तिरे हुज़ूर किया,

हम ने बे-शक बड़ा क़ुसूर किया।   



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बहराइच पुलिस में बड़ी फेरबदल, एसपी ने बदली थानों-चौकियों की कमान

निलंबित किए गए कर्मियों में मटेरा थानाध्यक्ष सुरेन्द्र प्रताप बौद्ध, उपनिरीक्षक विशाल जायसवाल और सिपाही अवधेश शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद जिलेभर के थानों में जिम्मेदारी और जवाबदेही को लेकर संदेश साफ माना जा रहा है।

बहराइच पुलिस में बड़ा फेरबदल
बहराइच पुलिस में बड़ा फेरबदल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Jan 2026 11:40 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) रामनयन सिंह की सख्त कार्रवाई से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने के मकसद से एसपी ने कर्तव्य में लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीन कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए कर्मियों में मटेरा थानाध्यक्ष सुरेन्द्र प्रताप बौद्ध, उपनिरीक्षक विशाल जायसवाल और सिपाही अवधेश शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद जिलेभर के थानों में जिम्मेदारी और जवाबदेही को लेकर संदेश साफ माना जा रहा है।

एसपी की सख्ती के बाद ट्रांसफर लिस्ट जारी

उत्तर प्रदेश के बहराइच में एसपी रामनयन सिंह के निर्देश पर मटेरा थाना की कमान अब देहात कोतवाली की रायपुर राजा पुलिस चौकी के प्रभारी हरिकेश सिंह को सौंप दी गई है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में प्रभावी पुलिसिंग के लिए जहां भी कामकाज में ढिलाई या सुस्ती सामने आएगी, वहां तत्काल प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे। इसी रणनीति के तहत बहराइच में कई स्तर पर तबादलों की नई व्यवस्था लागू की गई है। आदेश के अनुसार उपनिरीक्षक पूर्णेश नारायण पांडे को कस्बा नानपारा चौकी से हटाकर रायपुर राजा चौकी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कामेश्वर राय को चौकी दरगाह शरीफ से स्थानांतरित कर कस्बा नानपारा भेजा गया है। इसके अलावा अभय पांडे को हरदी से विशेश्वरगंज, विजय कुमार गुप्ता को कोतवाली नगर से मटेरा, और रौशनी वर्मा को हुजूरपुर से रामगांव तैनात किया गया है। यातायात व्यवस्था को भी दुरुस्त करने के लिए रवि यादव को यातायात सर्किल नगर से यातायात नानपारा भेजा गया है, वहीं रौशन सिंह को जरवल रोड थाने से फील्ड यूनिट शाखा में नई जिम्मेदारी दी गई है।

41 महिला और पुरुष आरक्षियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव

उत्तर प्रदेश के बहराइच में पुलिसिंग को जमीन पर और प्रभावी बनाने के लिए एसपी रामनयन सिंह ने 41 महिला व पुरुष आरक्षियों के कार्यक्षेत्र में भी व्यापक फेरबदल किया है। पुलिस विभाग में इस कदम को पेट्रोलिंग, कानून-व्यवस्था और त्वरित कार्रवाई को मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित कर्मियों को साफ निर्देश दिए हैं कि वे बिना देरी अपने नए तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार संभालें, ताकि उत्तर प्रदेश के बहराइच में सुरक्षा व्यवस्था की रफ्तार और जवाबदेही दोनों और तेज हो सके। UP News

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‘सनातन की चाल नहीं रुकेगी’ प्रयागराज से सतुआ बाबा का बड़ा ऐलान

उनका लक्ष्य बस उत्तर प्रदेश की धरती पर तय अपने पड़ाव तक पहुंचना और यात्रा की गति बनाए रखना है। बाबा का आरोप है कि कुछ ताकतें समाज को जातियों में बांटकर परंपराओं को कमजोर करने में लगी हैं, और ऐसे लोगों के खिलाफ उनकी प्रतिक्रिया आगे भी कठोर रहेगी।

सतुआ बाबा
सतुआ बाबा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar16 Jan 2026 10:51 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के माघ मेले में लग्जरी गाड़ियों में पहुंचकर सुर्खियों में आए सतुआ बाबा ने अब विरोधियों पर खुलकर पलटवार किया है। सतुआ बाबा ने कहा कि सनातन सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि अर्थ, शास्त्र, शस्त्र और रफ्तार की भी पहचान है। उन्होंने चेताया कि जो लोग सनातन की गति रोकने की कोशिश करेंगे, उन्हें उसी रफ्तार में जवाब मिलेगा। हालांकि, बाबा ने यह भी साफ किया कि उनका इरादा किसी विवाद को भड़काने का नहीं है उनका लक्ष्य बस उत्तर प्रदेश की धरती पर तय अपने पड़ाव तक पहुंचना और यात्रा की गति बनाए रखना है। बाबा का आरोप है कि कुछ ताकतें समाज को जातियों में बांटकर परंपराओं को कमजोर करने में लगी हैं, और ऐसे लोगों के खिलाफ उनकी प्रतिक्रिया आगे भी कठोर रहेगी।

सोशल मीडिया पर घिरे सतुआ बाबा

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान सतुआ बाबा को डिफेंडर और पोर्शे जैसी लग्जरी गाड़ियों में देखे जाने के बाद सोशल मीडिया पर संत परंपरा, सादगी और जीवनशैली को लेकर बहस तेज हो गई। सवालों की बौछार पर बाबा ने बेपरवाह अंदाज में जवाब दियाउन्होंने कहा कि उन्हें न तो गाड़ियों के नाम मालूम हैं, न उनकी कीमत का अंदाजा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि नाम-दम जानना है तो गूगल कर लीजिए, उनका काम किसी ब्रांड की चर्चा करना नहीं, बल्कि यात्रा करते हुए अपने पड़ाव तक पहुंचना और अपनी रफ्तार कायम रखना है।

“सनातन कमजोर नहीं” - सतुआ बाबा

बाबा ने कहा कि क्या भारत का सनातन इतना कमजोर है कि कोई गाड़ी में बैठे तो उसे गलत मान लिया जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि आज का भारत “स्वतंत्रता” का देश है और यहां विकास की रफ्तार तेज है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए कहा कि विकास की यह गति आगे और बढ़ेगी। महंगी गाड़ियों की चर्चा पर सतुआ बाबा ने कहा कि उनके लिए गाड़ी का नाम या कीमत मुद्दा नहीं है। उनके अनुसार, जेसीबी, ठेला, बुलेट, जीप, डिफेंडर या फरारी सब साधन हैं, असली विषय लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अपने पड़ाव तक पहुंचकर सनातन ध्वज को आगे बढ़ाना है।

माघ मेले की व्यवस्था पर सरकार की सराहना

सतुआ बाबा ने प्रयागराज माघ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह विशाल आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरी मुस्तैदी के साथ संचालित हो रहा है, जिसमें संत समाज भी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने में सक्रिय सहयोग दे रहा है। बाबा के मुताबिक, मेले में उमड़ रही करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का साफ संकेत है कि सनातन परंपरा आज भी देश की सामाजिक चेतना और मुख्यधारा में पूरी मजबूती के साथ जीवंत है।

सतुआ पीठ का अर्थ और एकजुटता का संदेश

बाबा ने सतुआ पीठ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्राचीन पीठ है और सतुआ का अर्थ कई तत्वों का एक साथ मिलना है जैसे अलग-अलग अनाज मिलकर सतुआ बनता है, वैसे ही समाज को भी एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने मणिकर्णिका घाट का जिक्र करते हुए सनातन परंपरा से जुड़ने की बात दोहराई। अपने बयान में सतुआ बाबा ने विपक्ष और विधर्मियों को लेकर भी आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत की प्रगति और विकास की गति रोकना चाहते हैं, वे पीछे रह जाएंगे। UP News

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