बलिया के बांसडीह क्षेत्र के आसचौरा और चोकन गांव में मड़ुआ के आटे से बनी रोटी-लिट्टी खाने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ गई। शुरुआत में करीब 45 महिलाओं के बीमार होने की जानकारी सामने आई, जबकि बाद की रिपोर्टों में प्रभावित लोगों की संख्या 50 से अधिक बताई गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के बांसडीह तहसील क्षेत्र में मड़ुआ के आटे से बनी रोटी और लिट्टी खाने के बाद बड़ी संख्या में लोगों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। आसचौरा और चोकन गांव में सामने आए इस मामले में शुरुआत में करीब 45 महिलाओं के बीमार होने की जानकारी सामने आई थी। बाद की रिपोर्टों में प्रभावित लोगों की संख्या 50 से अधिक बताई गई है। मरीजों में महिलाओं के साथ पुरुषों और बच्चों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
घटना के बाद बीमार लोगों को बांसडीह सीएचसी, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। मरीजों में पेट दर्द, उल्टी, चक्कर और शरीर में कंपकंपी जैसे लक्षण बताए गए हैं। कुछ मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों ने संदिग्ध पॉइजनिंग के लक्षणों के आधार पर उपचार शुरू किया है। UP News :
बताया गया कि जिउतिया व्रत की तैयारी के दौरान महिलाओं ने मड़ुआ के आटे से रोटी और लिट्टी तैयार की थी। सेवन के कुछ समय बाद अलग-अलग घरों में लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद परिजन मरीजों को अस्पताल लेकर पहुंचे। दोनों गांवों से लगातार मरीज आने के कारण स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ी। बीमार लोगों में उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और कंपकंपी जैसी शिकायतें सामने आईं। गंभीर हालत वाले मरीजों को जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रशासन के अनुसार मरीजों को आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। UP News :
घटना की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह सक्रिय हुए। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने प्रभावित गांवों का भी दौरा किया और परिजनों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने गंभीर मरीजों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की ओर से स्वास्थ्य विभाग की टीम को स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए कहा गया है। निजी अस्पताल में भर्ती मरीजों की स्थिति की भी अधिकारियों ने जानकारी ली। परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार प्रभावित लोगों ने एक ही दुकान से मड़ुआ का आटा खरीदा था। इसी आटे से रोटी और लिट्टी तैयार कर खाने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। हालांकि बीमारी का वास्तविक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। खाद्य सामग्री के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने आटे और संबंधित खाद्य सामग्री के नमूने लिए हैं। नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार जिस दुकान से आटा लिए जाने की बात सामने आई है, उसे जांच के दौरान सील किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह निश्चित रूप से नहीं कहा गया है कि लोगों की तबीयत केवल मड़ुआ के आटे के कारण ही बिगड़ी। खाद्य सामग्री के नमूनों और अन्य जांच रिपोर्ट के आधार पर बीमारी के वास्तविक कारण का पता लगाया जाएगा। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जांच में किसी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही अथवा दोष सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। UP News :
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