प्रयागराज में बाबाओं का जमावड़ा शुरू, अनोखे अंदाज में कुंभ नगरी पहुंचे "पर्यावरण बाबा"
Mahakumbh 2025
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 06:31 PM
Mahakumbh 2025 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ 2025 (MahaKumbh 2025) का आयोजन होने जा रहा है। महाकुंभ 2025 के लिए कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं। ऐसे में जनवरी 2025 में उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले के लिए बाबाओं का आगमन शुरू हो गया है। इनमें से एक प्रमुख नाम है "पर्यावरण बाबा" (Environmental Baba)। पर्यावरण बाबा के नाम से मशहूर बाबा का असली नाम महामंडलेश्वर अरुण गिरी महाराज है जिन्हें लोग "पर्यावरण बाबा" के नाम से जानते हैं। अरुण गिरी महाराज अब तक एक करोड़ पेड़-पौधे लगा चुके हैं और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य करते आ रहे हैं। इस बार महाकुंभ मेले में वे श्रद्धालुओं को पर्यावरण के महत्व के बारे में बताएंगे और उन्हें उपहार के रूप में पौधे भी देंगे।
ग्रीन कुंभ बनाने की पहल
महाकुंभ के इस आयोजन में "ग्रीन कुंभ" बनाने की पहल की जा रही है जहां पर्यावरण संरक्षण पर खास ध्यान दिया जाएगा। इस पहल के तहत प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और बायोडिग्रेडेबल सामग्री जैसे डोना-पत्ता को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही पर्यावरण बाबा 51,000 फलदार पौधे बांटने का संकल्प लेकर आए हैं ताकि लोग पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझें। उनका मंत्र है, "आओ पेड़ लगाएं, जीवन बचाएं।" बता दें कि, अरुण गिरी महाराज (जो पायलट बाबा के शिष्य हैं) अपने शरीर पर सोने के गहनों और कीमती रत्नों से सजे रहते हैं। जिसमें सोने की माला, अंगूठियां और हीरे से जड़ी घड़ी शामिल हैं। उनके आभूषण भगवान की मान्यता से जुड़े हुए होते हैं और यही वजह है कि वे "गोल्डन बाबा" (Golden Baba) के नाम से भी जाने जाते हैं।
महाकुंभ 2025 में रखा जाएगा पर्यावरण की सुरक्षा का खास ध्यान
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में होने वाले महाकुंभ मेले 2025 में उनका यह संदेश श्रद्धालुओं के लिए एक नया पहलू होगा, जहां वे न केवल आध्यात्मिकता की बात करेंगे, बल्कि पर्यावरण से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें भी साझा करेंगे। उनका उद्देश्य इस धार्मिक आयोजन को सिर्फ आस्था का नहीं बल्कि पर्यावरणीय जागरूकता का भी एक बड़ा केंद्र बनाना है। कुंभ मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं होता बल्कि यह सांस्कृतिक और सामाजिक पहलुओं का भी प्रतीक है और इस बार इसके माध्यम से पर्यावरण की सुरक्षा का भी महत्व उजागर किया जाएगा। Mahakumbh 2025