उत्तर प्रदेश के महराजगंज में दो महीने के मासूम से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रिश्तों और अंधविश्वास दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अमावस्या की रात को लेकर रची गई कथित साजिश का खुलासा होने के बाद पुलिस भी हैरान है। आखिर इस पूरे मामले के पीछे कौन-कौन शामिल था?

UP News : उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में अंधविश्वास से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां अकाल मृत्यु से बचने के लिए दो महीने के मासूम की बलि देने की साजिश रची गई। आरोप है कि एक तांत्रिक के कहने पर अमावस्या की रात बच्चे की बलि देने की योजना बनाई गई थी। इसके लिए पहले मासूम का अपहरण किया गया। पांच दिन तक चली पुलिस की तलाश के बाद बच्चे को दिल्ली के कश्मीरी गेट से सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने मामले में बच्चे की चचेरी बुआ और दादी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अंधविश्वास के चलते बच्चे की बलि देने की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि अकाल मृत्यु से बचने के लिए तांत्रिक के कहने पर अमावस्या की रात बलि देने की तैयारी थी। इसी साजिश के तहत दो महीने के मासूम का अपहरण कर लिया गया था।
मासूम के लापता होने के बाद उसकी मां ने करीब पांच दिन पहले पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए महराजगंज पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए पांच टीमें गठित कीं। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर छानबीन शुरू की और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी।
लगातार तलाश के बाद पुलिस को बच्चे के दिल्ली में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके से दो महीने के मासूम को सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे की सुरक्षित बरामदगी के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।
पुलिस ने इस मामले में बच्चे की चचेरी बुआ और दादी समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक अन्य सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है, ताकि कथित बलि की साजिश और अपहरण में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सके। यह पूरा मामला महराजगंज के ठूठीबारी थाना क्षेत्र का है। पुलिस अब तांत्रिक की भूमिका और पूरी साजिश के पीछे की वजहों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बच्चे के अपहरण की योजना कब और कैसे बनाई गई थी।
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