
Maharashtra News : मुंबई। ऑनलाइन गेमिंग एप्लिकेशन के जरिए बच्चों के धर्म परिवर्तन में शामिल रैकेट चलाने के आरोप में यूपी पुलिस ने आरोपी शाहनवाज खान उर्फ बद्दो को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से गिरफ्तार किया गया है। एक अधिकारी ने बताया कि उसे अलीबाग शहर से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ठाणे जिले के मुंब्रा का रहने वाला है और गाजियाबाद पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
आपको बता दें कि बीते दिनों गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग एप्लिकेशन के जरिए धर्मांतरण का मामला सामने आया था। इसमें शाहनवाज खान और गाजियाबाद की एक मस्जिद के मौलवी के खिलाफ अवैध धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने कहा था कि गाजियाबाद के एक व्यक्ति ने पिछले महीने शिकायत दर्ज कराई थी कि मौलवी अब्दुल रहमान और शाहनवाज खान बद्दो ने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास करने वाले उसके बेटे का धर्मांतरण कराया था।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसका बेटा एक ऑनलाइन गेमिंग ऐप के जरिए बद्दो के संपर्क में आया और अक्सर उससे बात करता था। इसके बाद उसका झुकाव इस्लाम अपनाने की ओर हो गया. लड़के ने अपने पिता को बताया था कि बद्दो के समझाने पर उसने इस्लाम कबूल भी कर लिया है।
इस मामले में मुंबई पुलिस और गाजियाबाद पुलिस ने मिलकर शाहनवाज को महाराष्ट्र के अलीबाग से किया गिरफ्तार किया। शाहनवाज पर लड़के का जबरन धर्म बदलवाने का आरोप है। पिछले कई दिनों से अलीबाग और मुंब्रा पुलिस ज्वाइंट ऑपरेशन के तहत शाहनवाज की तलाश कर रही थी। मगर, वो बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था. इसी बीच उसके रिश्तेदारों से पूछताछ की गई। इस दौरान उनकी कॉल डिटेल से पता चला कि आरोपी मुंबई के वर्ली में छुपा है।
इसके बाद पुलिस वर्ली पहुंची तो शाहनवाज वहां से रायगढ़ के अलीबाग भाग गया और लॉज में छिप गया। फिर पुलिस वहां पहुंची और रात भर चेकिंग की। इसके बाद उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि फोर्टनाईट (Fortnite) गेमिंग ऐप के जरिये साल 2021 में दोनों की जान पहचान हुई थी। इसके बाद एक-दूसरे से बात करने के लिए Discord का इस्तेमाल करने लगे। फिर फोन पर भी बात करने लगे।
इसके बाद दोनों ने फोर्टनाईट पर गेम खेलना बंद कर दिया। मगर, 2021 के दिसंबर में दोनों ने Valorant गेम के जरिये फिर गेम खेलना शुरू किया। डिस्कोड ऐप पर शहनवाज की अच्छी रैंकिंग से आकर्षित होकर लड़के उससे चैट करते थे। इसी दौरान शाहनवाज लड़कों को बरगलाता था और चैट में ही इस्लाम धर्म से जुड़ने के फायदे बताता था।
बता दें कि बहला-फुसलाकर बच्चों का धर्मांतरण करने का ये सारा खेल दो स्टेप में होता था। पहला स्टेप बच्चों के साथ ऑनलाइन गेम खेलना और दूसरे स्टेप में बच्चों से ऐप के जरिए चैटिंग करना और इस्लाम के फायदे बताना। पहले स्टेप में हैंडलर हिंदू नामों से आईडी बनाते थे. फिर हिंदू बच्चों को 'Fortnite' गेम खेलने के लिए उकसाते थे। असली खेल तब शुरू होता था, जब बच्चा गेम हार जाता था।
गेम हारने के बाद बच्चे से कहा जाता था कि वो कुरान की आयत पढ़े तो जीत जाएगा। इसके बाद जब बच्चा आयत पढ़कर गेम खेलता तो साजिश के तहत उसे जितवा दिया जाता था। इस तरह बच्चे का मुस्लिम धर्म की तरफ झुकाव बढ़ जाता। इसके बाद दूसरी स्टेप शुरू होती। बच्चे से 'Discord' ऐप के जरिए चैटिंग की जाती। बच्चे का भरोसा जीतकर उसको इस्लाम की जानकारी दी जाती।
धीरे-धीरे बच्चे को जाकिर नाईक और तारिक जमील के वीडियो दिखाए जाते। उन्हें इस्लाम कबूलने के लिए बहकाया जाता। जब बच्चे का इस्लाम की तरफ झुकाव बढ़ जाता और वो मुस्लिम बनने को तैयार हो जाता तो आखिर में उससे एक एफिडेविट बनवाया जाता। इस एफिडेविट में बच्चे से लिखवाया जाता कि वो अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल कर रहा है। Maharashtra News