इस विशेष अभियान का नेतृत्व जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने किया। कार्रवाई के लिए कुल सात विशेष टीमें गठित की गई थीं, जिनमें बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

UP News : संभल जिले में बिजली चोरी के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए सोमवार तड़के व्यापक अभियान चलाया। रायसत्ती थाना क्षेत्र और सराय तरीन इलाके में जिला प्रशासन, पुलिस और बिजली विभाग की संयुक्त टीमों ने एक साथ कार्रवाई की, जिसमें बड़े स्तर पर बिजली चोरी का पदार्फाश हुआ। सुबह करीब पांच बजे शुरू हुए इस अभियान में मस्जिद, अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग प्वाइंट और भूमिगत मिनी पावर सिस्टम सहित 30 से ज्यादा स्थानों पर बिजली चोरी पकड़ी गई। जांच के दौरान यह सामने आया कि कुछ जगहों पर एक ही अवैध कनेक्शन के जरिए 50 से 60 घरों तक बिजली पहुंचाई जा रही थी।
इस विशेष अभियान का नेतृत्व जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने किया। कार्रवाई के लिए कुल सात विशेष टीमें गठित की गई थीं, जिनमें बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार रायसत्ती क्षेत्र में लाइन लॉस 50 प्रतिशत से अधिक होने के कारण इस इलाके को विशेष रूप से चिन्हित किया गया था। जांच में पता चला कि एक व्यक्ति ने अवैध रूप से पूरा अंडरग्राउंड नेटवर्क तैयार कर मिनी पावर स्टेशन के रूप में बिजली सप्लाई शुरू कर रखी थी। इस मामले में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि साक्ष्यों के आधार पर दोषियों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और अन्य मामलों में भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान एक अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन भी सामने आया, जहां चोरी की बिजली से वाहन चार्ज किए जा रहे थे। इसके अलावा 20 से 30 अन्य स्थानों पर भी बिजली चोरी के प्रमाण मिले, जिनमें एक धार्मिक स्थल भी शामिल है। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इसी को ध्यान में रखते हुए आठ थानों की पुलिस और कई सर्किल अधिकारियों को तैनात कर यह सघन अभियान चलाया गया है। आगे भी इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
इससे एक दिन पहले रविवार को प्रशासन ने सलेमपुर इलाके में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया था। जिलाधिकारी ने बताया कि यहां करीब 20-25 साल पहले अवैध अतिक्रमण कर मदरसे के नाम पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। कई दुकानें बनाकर उनसे किराया वसूला जा रहा था। प्रशासन की ओर से पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन अतिक्रमण न हटाए जाने पर धारा 67 के तहत मुकदमे दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की गई। इस मामले में करीब 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि बिजली चोरी और अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।