उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में होगी आम हड़ताल, बड़े आंदोलन की घोषणा
इसी विरोध के चलते 12 फरवरी को उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में आम हड़ताल करने की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश से लेकर देश के हर कोने में 12 फरवरी को आम हड़ताल की तैयारी तेज कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में सक्रिय मजदूर तथा किसान संगठन अपने-अपने स्तर पर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।

UP News : अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार समझौते का विरोध तेज हो गया है। भारत के तमाम मजदूर संगठनों के साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा ने भी अमेरिका-भारत डील का विरोध तेज कर दिया है। इसी विरोध के चलते 12 फरवरी को उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में आम हड़ताल करने की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश से लेकर देश के हर कोने में 12 फरवरी को आम हड़ताल की तैयारी तेज कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में सक्रिय मजदूर तथा किसान संगठन अपने-अपने स्तर पर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
अमेरिका के साथ डील पर एक साथ आए मजदूर तथा किसान संगठन
अमेरिका-भारत डील के विरोध में मजदूर तथा किसान संगठन एक साथ खड़े हो गए हैं। भारत की तमाम सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को आम हड़ताल की पहले ही घोषणा कर रखी है। ट्रेड यूनियनों की आम हड़ताल को सबसे बड़े किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने अपना समर्थन दे दिया है। साथ ही किसान मोर्चा ने घोषणा की है कि यदि सरकार ट्रेड डील से पीछे नहीं हटी तो पूरे देश में बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।
बड़े पैमाने पर एकजुट होंगे संगठन
देश भर में विरोध स्थलों पर किसानों, खेतिहर मजदूरों और औद्योगिक यूनियनों की बड़े पैमाने पर भागीदारी की उम्मीद है, जिसमें PRTC, बिजली कर्मचारी और अन्य मजदूर संगठन शामिल हैं। इस बीच, हिमाचल प्रदेश में सेब किसानों ने 12 फरवरी को देशव्यापी किसानों की हड़ताल में शामिल होने की तैयारी तेज कर दी है और दिल्ली मार्च की घोषणा की है। साथ ही चेतावनी दी है कि भारत-अमेरिका और अन्य मुक्त व्यापार समझौतों के तहत हाल ही में आयात शुल्क में की गई कटौती पहाड़ी राज्य की सेब आधारित अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकती है। वहीं, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बार-बार आश्वासन दिया है कि भारतीय सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा की जाएगी। हिमाचल प्रदेश में किसान संगठनों ने केंद्र सरकार पर 'किसान विरोधी' व्यापार नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि किसान अब एक साथ मिलकर राष्ट्रीय आंदोलन के तहत दिल्ली मार्च करने के लिए तैयार हैं। यह बात जुब्बल और रोहड़ू में हिमाचल प्रदेश एप्पल ग्रोअर्स एसोसिएशन (HPAGA) की ब्लॉक-लेवल मीटिंग्स में दोहराई गई, जहां बागवानों ने 12 फरवरी की हड़ताल के लिए गांव लेवल पर किसानों को इकट्ठा करने का फैसला किया।
किसान संगठन चलाएंगे लम्बा आंदोलन
इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के तमाम नेता सक्रिय हो गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने 12 फरवरी की आम हड़ताल का समर्थन करने के साथ ही अमेरिका—भारत ट्रेड डील के विरोध में लम्बा आंदोलन चलाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। किसानों का यह आंदोलन उत्तर प्रदेश से लेकर पूरे देश में चलाया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने घोषणा की है कि अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील के विरोध में 12 फरवरी 2026 को दिल्ली में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन होगा। 15 फरवरी को इंदौर, 18 फरवरी को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और 23 मार्च को हरियाणा में किसानों की पंचायत तथा बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की योजना है। इसमें सरकार से अमेरिकी से ट्रेड डील से पीछे हटने की अपील की जाएगी। यदि सरकार सहमत नहीं होती है तो विरोध प्रदर्शन को तेज किया जाएगा। किसान नेताओं ने घोषणा की है कि जब तक भारत सरकार इस ट्रेड डील से पीछे नहीं हटेगी तब तक आंदोलन चलाया जाएगा। UP News
UP News : अमेरिका के साथ चल रहे व्यापार समझौते का विरोध तेज हो गया है। भारत के तमाम मजदूर संगठनों के साथ ही संयुक्त किसान मोर्चा ने भी अमेरिका-भारत डील का विरोध तेज कर दिया है। इसी विरोध के चलते 12 फरवरी को उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में आम हड़ताल करने की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश से लेकर देश के हर कोने में 12 फरवरी को आम हड़ताल की तैयारी तेज कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में सक्रिय मजदूर तथा किसान संगठन अपने-अपने स्तर पर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं।
अमेरिका के साथ डील पर एक साथ आए मजदूर तथा किसान संगठन
अमेरिका-भारत डील के विरोध में मजदूर तथा किसान संगठन एक साथ खड़े हो गए हैं। भारत की तमाम सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने 12 फरवरी को आम हड़ताल की पहले ही घोषणा कर रखी है। ट्रेड यूनियनों की आम हड़ताल को सबसे बड़े किसान संगठन संयुक्त किसान मोर्चा ने अपना समर्थन दे दिया है। साथ ही किसान मोर्चा ने घोषणा की है कि यदि सरकार ट्रेड डील से पीछे नहीं हटी तो पूरे देश में बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा।
बड़े पैमाने पर एकजुट होंगे संगठन
देश भर में विरोध स्थलों पर किसानों, खेतिहर मजदूरों और औद्योगिक यूनियनों की बड़े पैमाने पर भागीदारी की उम्मीद है, जिसमें PRTC, बिजली कर्मचारी और अन्य मजदूर संगठन शामिल हैं। इस बीच, हिमाचल प्रदेश में सेब किसानों ने 12 फरवरी को देशव्यापी किसानों की हड़ताल में शामिल होने की तैयारी तेज कर दी है और दिल्ली मार्च की घोषणा की है। साथ ही चेतावनी दी है कि भारत-अमेरिका और अन्य मुक्त व्यापार समझौतों के तहत हाल ही में आयात शुल्क में की गई कटौती पहाड़ी राज्य की सेब आधारित अर्थव्यवस्था को तबाह कर सकती है। वहीं, केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बार-बार आश्वासन दिया है कि भारतीय सेब उत्पादकों के हितों की रक्षा की जाएगी। हिमाचल प्रदेश में किसान संगठनों ने केंद्र सरकार पर 'किसान विरोधी' व्यापार नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है। इनका कहना है कि किसान अब एक साथ मिलकर राष्ट्रीय आंदोलन के तहत दिल्ली मार्च करने के लिए तैयार हैं। यह बात जुब्बल और रोहड़ू में हिमाचल प्रदेश एप्पल ग्रोअर्स एसोसिएशन (HPAGA) की ब्लॉक-लेवल मीटिंग्स में दोहराई गई, जहां बागवानों ने 12 फरवरी की हड़ताल के लिए गांव लेवल पर किसानों को इकट्ठा करने का फैसला किया।
किसान संगठन चलाएंगे लम्बा आंदोलन
इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के तमाम नेता सक्रिय हो गए हैं। संयुक्त किसान मोर्चा ने 12 फरवरी की आम हड़ताल का समर्थन करने के साथ ही अमेरिका—भारत ट्रेड डील के विरोध में लम्बा आंदोलन चलाने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। किसानों का यह आंदोलन उत्तर प्रदेश से लेकर पूरे देश में चलाया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने घोषणा की है कि अमेरिका के साथ की गई ट्रेड डील के विरोध में 12 फरवरी 2026 को दिल्ली में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन होगा। 15 फरवरी को इंदौर, 18 फरवरी को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और 23 मार्च को हरियाणा में किसानों की पंचायत तथा बड़े स्तर पर प्रदर्शन करने की योजना है। इसमें सरकार से अमेरिकी से ट्रेड डील से पीछे हटने की अपील की जाएगी। यदि सरकार सहमत नहीं होती है तो विरोध प्रदर्शन को तेज किया जाएगा। किसान नेताओं ने घोषणा की है कि जब तक भारत सरकार इस ट्रेड डील से पीछे नहीं हटेगी तब तक आंदोलन चलाया जाएगा। UP News












