उत्तर प्रदेश में दुनिया का पहला दिव्यांग विश्वविद्यालय, अद्भुत है कुलपति की प्रतिभा

चित्रकूट में स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय आज देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में एक अनोखी पहचान बना चुका है। यह संस्थान विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए समर्पित है, जहां उन्हें उच्च शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है।

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चित्रकूट में स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Mar 2026 06:49 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय आज देश ही नहीं, बल्कि दुनिया में एक अनोखी पहचान बना चुका है। यह संस्थान विशेष रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए समर्पित है, जहां उन्हें उच्च शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है।

दुनिया का पहला दिव्यांग विश्वविद्यालय

इस विश्वविद्यालय की स्थापना 27 जुलाई 2001 को इसके संस्थापक जगद्गुरु रामभद्राचार्य द्वारा की गई थी। बाद में इसे आधिकारिक मान्यता भी मिली और वर्ष 2022 में वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनियन ने इसे दुनिया का पहला दिव्यांग विश्वविद्यालय घोषित किया। इस संस्थान का उद्देश्य दिव्यांग छात्रों को ऐसी शिक्षा देना है, जिससे वे समाज की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सकें।

शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल

यह विश्वविद्यालय केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां छात्रों को रहने, सीखने और आगे बढ़ने के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

* छात्रावास और आवास की व्यवस्था

* दिव्यांग अनुकूल संसाधन

* व्यावसायिक और उच्च शिक्षा के अवसर

इसी कारण देशभर से छात्र यहां शिक्षा लेने पहुंचते हैं।

कुलपति की अद्भुत प्रतिभा

विश्वविद्यालय के कुलपति जगद्गुरु रामभद्राचार्य की प्रतिभा अपने आप में असाधारण मानी जाती है।

* कहा जाता है कि उन्हें 22 भाषाओं का ज्ञान है

* उन्होंने 80 से अधिक ग्रंथों की रचना की है

* उनकी स्मरण शक्ति इतनी तेज है कि लोग इसे कंप्यूटर से भी तेज बताते हैं। 

सबसे प्रेरणादायक बात यह है कि बचपन में ही उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से असंभव को संभव कर दिखाया।

दिव्यांग छात्रों के लिए वरदान बना संस्थान

भारत में बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं, जो शारीरिक चुनौतियों के कारण उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह विश्वविद्यालय उनके लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है। यहां से पढ़ाई करने वाले छात्र आज विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं और समाज के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय ने यह साबित कर दिया है कि अगर सही दिशा और अवसर मिले, तो कोई भी व्यक्ति अपनी सीमाओं को पार कर सकता है। चित्रकूट का यह अनोखा विश्वविद्यालय न केवल शिक्षा का केंद्र है, बल्कि यह आत्मविश्वास, संघर्ष और सफलता की एक जीवंत मिसाल भी है।



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यूपी में कब दिखेगा ईद का चांद? बड़ा ऐलान, 21 मार्च को मनाई जा सकती है ईद

पूरे देश में ईद-उल-फितर को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। इस बीच लखनऊ के जाने-माने इस्लामी विद्वान मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिससे ईद की संभावित तारीख को लेकर तस्वीर साफ होने लगी है।

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ईद-उल-फितर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Mar 2026 06:19 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में ईद-उल-फितर को लेकर उत्साह बढ़ता जा रहा है। इस बीच लखनऊ के जाने-माने इस्लामी विद्वान मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिससे ईद की संभावित तारीख को लेकर तस्वीर साफ होने लगी है।

19 मार्च को देखा जाएगा ईद का चांद

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली के अनुसार, 19 मार्च की शाम को ईद का चांद देखने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस दिन देशभर में चांद दिखने की पुष्टि के बाद ही ईद की तारीख का आधिकारिक ऐलान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगर 19 मार्च को चांद नजर आ जाता है, तो अगले दिन यानी 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी।

21 मार्च को ईद मनने की ज्यादा संभावना

अगर 19 मार्च की शाम को चांद दिखाई नहीं देता है, तो रमजान का महीना 30 दिनों का पूरा होगा और इसके बाद 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी। फिलहाल अनुमान यही लगाया जा रहा है कि इस बार 21 मार्च को ईद मनाई जा सकती है।

ईद का त्योहार: इबादत और इंसानियत का संदेश

ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म के सबसे अहम त्योहारों में से एक है, जो पवित्र रमजान महीने के समापन पर मनाया जाता है। यह पर्व सिर्फ खुशियां मनाने का नहीं, बल्कि संयम, दया और भाईचारे का संदेश देने का अवसर भी होता है। इस दिन लोग सुबह ईदगाह और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा करते हैं और अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं।

जकात और फितरा का विशेष महत्व

ईद से पहले मुस्लिम समुदाय के लोग जरूरतमंदों की मदद के लिए जकात और फितरा अदा करते हैं। इसका उद्देश्य समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत करना है, ताकि हर व्यक्ति ईद की खुशियों में शामिल हो सके। ईद के दिन घरों में खास पकवान बनाए जाते हैं, जिनमें सेवइयां सबसे प्रमुख होती हैं। लोग नए कपड़े पहनकर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों से मिलते हैं और एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद देते हैं। फिलहाल सबकी नजरें 19 मार्च की शाम पर टिकी हैं, जब आसमान में दिखने वाला चांद तय करेगा कि ईद-उल-फितर 20 मार्च को मनाई जाएगी या 21 मार्च को। लेकिन मौजूदा अनुमानों के अनुसार 21 मार्च को ईद मनाए जाने की संभावना अधिक जताई जा रही है।


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उत्तर प्रदेश में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी पड़ी भारी, 14 युवक हिरासत में

वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करना कुछ युवकों को भारी पड़ गया। आरोप है कि उत्तर प्रदेश के इस शहर में इफ्तार के दौरान नॉनवेज खाना खाने के बाद उसके अवशेष गंगा में फेंके गए, जिससे विवाद खड़ा हो गया। इस मामले में पुलिस ने 14 युवकों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

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गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Mar 2026 04:18 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करना कुछ युवकों को भारी पड़ गया। आरोप है कि उत्तर प्रदेश के इस शहर में इफ्तार के दौरान नॉनवेज खाना खाने के बाद उसके अवशेष गंगा में फेंके गए, जिससे विवाद खड़ा हो गया। इस मामले में पुलिस ने 14 युवकों को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

नाव पर इफ्तार और गंगा में अवशेष फेंकने का आरोप

भारतीय जनता युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि कुछ युवकों ने नाव पर बैठकर इफ्तार किया। इस दौरान चिकन बिरयानी खाई गई और बचा हुआ खाना गंगा में फेंक दिया गया। शिकायत के साथ घटना का वीडियो भी साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपा गया।

धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि इस घटना से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इसे जानबूझकर किया गया कृत्य बताया गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई। कोतवाली थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 14 युवकों को हिरासत में लिया तथा सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इन सभी से पूछताछ जारी है, थाना प्रभारी दयाशंकर सिंह के अनुसार, मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

नाव चालक पर भी कार्रवाई की मांग

शिकायत में नाव चालक के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। लाइसेंस निरस्त करने की बात कही गई है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सख्ती की मांग की गई है। वाराणसी पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच हो रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। धार्मिक आस्था से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को देखते हुए प्रशासन इस मामले में पूरी सतर्कता बरत रहा है। वाराणसी में हुई यह घटना अब कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द दोनों के लिहाज से अहम मानी जा रही है।


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