विज्ञापन
साइबर अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई में कानपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। 1.27 करोड़ की आॅनलाइन ठगी के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दूसरे मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है।

UP News : साइबर अपराध के खिलाफ चल रही कार्रवाई में कानपुर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। 1.27 करोड़ की आॅनलाइन ठगी के मामले में पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दूसरे मुख्य आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पूरे गिरोह के नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं, जिसमें विदेशी कनेक्शन तक की पुष्टि हुई है।
UP News
यह मामला अगस्त 2025 का है, जब एक व्यक्ति से साइबर ठगों ने करीब 1.27 करोड़ की धोखाधड़ी की थी। जांच की शुरुआत से ही यह केस बेहद जटिल माना जा रहा था, क्योंकि आरोपियों ने डिजिटल लेन-देन और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रकम को कई चैनलों में ट्रांसफर कर दिया था। कानपुर साइबर थाना और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने इस मामले में करीब छह महीने तक लगातार तकनीकी और मैनुअल सर्विलांस किया। इसी जांच के आधार पर एक आरोपी की पहचान पहले ही की जा चुकी थी।
UP News
जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह से जुड़े एक आरोपी अरशद अंसारी को मेरठ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद दूसरे मुख्य आरोपी की तलाश तेज कर दी गई, जिसकी पहचान मेराज अंसारी के रूप में हुई। लगातार निगरानी और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने महाराष्ट्र में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
UP News
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से अपनी लोकेशन और पहचान बदलकर छिपता फिर रहा था। गिरफ्तारी के समय वह स्कूटी से घूम रहा था और पुलिस से बचने के लिए लगातार अपना हुलिया बदल रहा था। अब आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया जा रहा है, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी की गई रकम में से करीब 54 लाख का सोना खरीदा गया था। इसके अलावा धनराशि को कई अलग-अलग माध्यमों से निकाला और ट्रांसफर किया गया, जिससे पैसों का ट्रेल ट्रैक करना मुश्किल हो गया था। पूछताछ में आरोपी ने यह भी खुलासा किया है कि इस साइबर ठगी गिरोह में दो नाइजीरियाई नागरिकों की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
UP News
विज्ञापन