प्रदेश के औरैया में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए कई कुख्यात गिरोहों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के पूर्व सपा एमएलसी सहित कई नामचीन अपराधी पुलिस के रडार पर आ गए हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के औरैया में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ा अभियान चलाते हुए कई कुख्यात गिरोहों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में उत्तर प्रदेश के पूर्व सपा एमएलसी सहित कई नामचीन अपराधी पुलिस के रडार पर आ गए हैं। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए अभियान के तहत कमलेश पाठक, मयंक दुबे, रमाकांत चिकवा और मनोज दोहरे गैंग के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे जिले में अपराधियों के बीच हड़कंप मच गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि कमलेश पाठक, जो पहले से जेल में बंद हैं, वहीं से अपने गैंग को आॅपरेट कर रहे थे। हत्या, डकैती, रंगदारी जैसे गंभीर अपराध किए जा रहे हैं। गैंग के सदस्यों के जरिए वारदात को अंजाम दिया जाता है। इस खुलासे ने पुलिस को और सख्ती बरतने पर मजबूर कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, कमलेश पाठक को 24 मार्च 2026 को कोर्ट ने 6 साल की सजा सुनाई थी। इसके बावजूद उनका गैंग सक्रिय रहा, जो कानून व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। पुलिस के अनुसार गैंग का सक्रिय सदस्य अब्दुल सत्तार के माध्यम से अपराधों को अंजाम दिया जाता था। फिलहाल पुलिस ने उसकी तलाश के लिए टीमें गठित कर दी हैं।
मयंक दुबे गैंग :
* युवाओं को गुमराह कर गिरोह में शामिल करना
* हथियारों के बल पर हमला और धमकी।
रमाकांत चिकवा गैंग :
* घरों के बाहर से बकरियां और सामान चोरी
मनोज दोहरे गैंग :
* गोवंश तस्करी और अवैध कारोबार।
इन सभी गैंगों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस की इस कार्रवाई से साफ है कि संगठित अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। औरैया पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ा संदेश है कि अब अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। चाहे वह जेल में हो या बाहर, कानून का शिकंजा हर हाल में कसेगा।