प्रदेश के गाजीपुर में साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। देशभर में फैले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो अब तक करोड़ों की ठगी को अंजाम दे चुके थे। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था।

UP News : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में साइबर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। देशभर में फैले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो अब तक करोड़ों की ठगी को अंजाम दे चुके थे। पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। देश के 25 राज्यों में सक्रिय नेटवर्क। 75 से अधिक शिकायतों में नाम सामने आया। करीब 67 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। संभावना जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने पर रकम और भी ज्यादा हो सकती है।
आरोपी लोगों को लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे।
* फर्जी अकाउंट खुलवाने के लिए पैसे या कमीशन का लालच
* उन खातों में साइबर फ्रॉड की रकम मंगवाई जाती थी
* बाद में पैसे को तेजी से इधर-उधर ट्रांसफर कर दिया जाता था।
इन्हीं खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है, जिनका इस्तेमाल ठगी के पैसे छिपाने में होता है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ठगी के पैसे को ट्रैक से बचाने के लिए:
* रकम को क्रिप्टोकरेंसी में कन्वर्ट करते थे
* कुछ लेनदेन डॉलर में भी किया जाता था
* फिर पैसे को अन्य खातों या विदेश भेज दिया जाता था।
इससे जांच एजेंसियों के लिए ट्रैक करना मुश्किल हो जाता था।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि:
* उनके पास 700 से अधिक फर्जी बैंक खाते थे
* इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन किया गया
* हर खाते का इस्तेमाल अलग-अलग ठगी के मामलों में किया जाता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से कई अहम सबूत बरामद किए:
* 19 सिम कार्ड
* 12 एटीएम कार्ड
* 5 बैंक पासबुक
* मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज।
इन सबके आधार पर नेटवर्क की गहराई से जांच जारी है। आगे और खुलासे की उम्मीद की जा रही है।