विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जेल व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। नई नीति के अनुसार, यदि किसी कैदी की मृत्यु जेल में झगड़े, हिंसा या इलाज में लापरवाही के कारण होती है, तो उसके परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जेल व्यवस्था से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी है। नई नीति के अनुसार, यदि किसी कैदी की मृत्यु जेल में झगड़े, हिंसा या इलाज में लापरवाही के कारण होती है, तो उसके परिजनों को 5 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, यदि कोई कैदी आत्महत्या करता है तो उसके परिवार को 3 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का कहना है कि इस निर्णय का उद्देश्य जेलों में जवाबदेही बढ़ाना और कैदियों के मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
UP News
प्रदेश की जेलों में बढ़ती कैदी संख्या और ओवरक्राउडिंग की समस्या को देखते हुए सरकार ने 5 नई जेलों के निर्माण को भी मंजूरी दी है। ये जेलें ललितपुर, औरैया, कानपुर और भदोही सहित अन्य जिलों में विकसित की जाएंगी। वर्तमान में प्रदेश की जेलों में लगभग 86,000 से अधिक कैदी बंद हैं, जिसके चलते कई जेलों में क्षमता से अधिक दबाव बना हुआ है। नई जेलों के निर्माण से इस समस्या को कम करने की उम्मीद है।
UP News
सरकार ने न्यायिक व्यवस्था से जुड़े सरकारी वकीलों के मानदेय और फीस में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। जिला शासकीय अधिवक्ताओं का मासिक मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 14,000 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह, अपर जिला शासकीय अधिवक्ताओं, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ताओं और अन्य श्रेणी के वकीलों के मानदेय एवं प्रति सुनवाई फीस में भी वृद्धि की गई है। महाधिवक्ता और अपर महाधिवक्ता के रिटेनरशिप और दैनिक बहस फीस में भी बढ़ोतरी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला केवल आर्थिक राहत तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे न्यायिक प्रणाली की कार्यक्षमता और जवाबदेही भी मजबूत होगी। वहीं जेल सुधार और किसानों से जुड़े फैसले सरकार की व्यापक नीति का हिस्सा माने जा रहे हैं। योगी सरकार के इन निर्णयों से प्रदेश में प्रशासनिक सुधार, कृषि क्षेत्र में समर्थन और न्यायिक व्यवस्था में संतुलन लाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
UP News
विज्ञापन