विज्ञापन
प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। अभी तक केवल एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक सीमित उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन की मेट्रो सेवा अब शहर के बड़े हिस्से और बाराबंकी तक पहुंच सकती है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क को लेकर बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। अभी तक केवल एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक सीमित उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कार्पोरेशन की मेट्रो सेवा अब शहर के बड़े हिस्से और बाराबंकी तक पहुंच सकती है। शासन को भेजे गए प्रस्ताव में करीब 10 नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिनकी कुल लंबाई 150 किलोमीटर से अधिक बताई जा रही है।
UP News
फिलहाल राजधानी में चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक लगभग 22.87 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर संचालित हो रहा है। इस रूट पर कुल 21 स्टेशन हैं, जिनमें 17 एलिवेटेड और 4 अंडरग्राउंड स्टेशन शामिल हैं। अब बढ़ते ट्रैफिक दबाव और तेजी से फैलते शहरी क्षेत्र को देखते हुए मेट्रो विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सर्वे कराकर इसकी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। UP News
योजना के मुताबिक जिन इलाकों में ट्रैफिक का दबाव सबसे ज्यादा है, वहां सबसे पहले मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। प्राथमिकता सूची में अयोध्या रोड और चारबाग से पीजीआई तक का रूट सबसे ऊपर बताया जा रहा है। इसके अलावा मौजूदा मेट्रो लाइन को पॉलिटेक्निक चौराहा, कमता, मटियारी और अनौराकला होते हुए बाराबंकी तक बढ़ाने की तैयारी है। अगर यह योजना लागू होती है तो राजधानी और बाराबंकी के बीच सफर काफी आसान हो जाएगा। UP News
प्रस्तावित मेट्रो विस्तार में राजधानी के कई बड़े और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को शामिल किया गया है। इनमें-
* इकाना स्टेडियम क्षेत्र
* पीजीआई
* राजाजीपुरम
* तेलीबाग
* आईआईएम रोड
* अयोध्या रोड
* कमता
* मटियारी
जैसे इलाके शामिल हैं। इससे शहर के बाहरी हिस्सों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और सड़क यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। UP News
योजना के तहत हर मेट्रो स्टेशन को मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब की तरह विकसित करने की तैयारी है। यहां पार्किंग सुविधा के साथ-साथ ई-साइकिल, ई-बाइक और अन्य इलेक्ट्रिक व्हीकल सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे यात्रियों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी बेहतर मिलेगी और निजी वाहनों पर निर्भरता कम हो सकती है। यूपीएमआरसी ने शासन को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि अगले चरण में सभी प्रस्तावित कॉरिडोर की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कराई जाएगी। इसके बाद बजट और मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अगर योजना को मंजूरी मिलती है तो आने वाले वर्षों में लखनऊ देश के बड़े मेट्रो नेटवर्क वाले शहरों में शामिल हो सकता है।
UP News
विज्ञापन