उत्तर प्रदेश के रायबरेली में चोरों ने एक बड़े महल को निशाना बनाकर सनसनीखेज चोरी की वारदात को अंजाम दिया। डीह थाना क्षेत्र के टेकारी दांदू गांव स्थित टेकारी महल में बृहस्पतिवार रात घुसे चोर करीब 80 लाख रुपये कीमत का सामान लेकर फरार हो गए।

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में चोरों ने एक बड़े महल को निशाना बनाकर सनसनीखेज चोरी की वारदात को अंजाम दिया। डीह थाना क्षेत्र के टेकारी दांदू गांव स्थित टेकारी महल में बृहस्पतिवार रात घुसे चोर करीब 80 लाख रुपये कीमत का सामान लेकर फरार हो गए। चोर महल से शिव-पार्वती की अष्टधातु की मूर्ति, करीब 22 किलो चांदी के बर्तन और ढाई लाख रुपये नकद समेत अन्य कीमती सामान ले गए। महल में इतनी बड़ी चोरी की जानकारी सामने आने के बाद आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और एसओजी की टीम डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने महल के भीतर और आसपास के इलाके में सुराग तलाशे तथा घटना से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की।
पुलिस ने महल में मौजूद पुजारी समेत अन्य लोगों के बयान दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि चोरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच की जा रही है तथा घटना का जल्द खुलासा किया जाएगा।
टेकारी दांदू गांव में स्थित टेकारी महल अखिलेश्वरी प्रताप सिंह का बताया गया है। वह अपने परिवार के साथ लखनऊ में रहते हैं। उनके पुत्र ऐश्वर्य प्रताप सिंह और बहू समीक्षा सिंह कभी-कभार महल में आकर रहते हैं। बृहस्पतिवार रात चोर महल में दाखिल हुए और वहां रखे कीमती सामान को निशाना बनाया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चोर शिव-पार्वती की अष्टधातु की मूर्ति के अलावा करीब 22 किलो चांदी के बर्तन और ढाई लाख रुपये नकद ले गए। अन्य सामान भी चोरी होने की बात सामने आई है। चोरी किए गए सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई जा रही है।
इस चोरी में सबसे खास बात शिव-पार्वती की अष्टधातु की मूर्ति का गायब होना है। पुलिस अब चोरी गए सभी सामान का विवरण जुटा रही है। भारी मात्रा में चांदी के बर्तन और अष्टधातु की मूर्ति चोरी होने के बाद पुलिस के सामने आरोपियों तक पहुंचने के साथ-साथ सामान की बरामदगी की चुनौती भी है। पुलिस आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों और संभावित सुरागों की जांच कर रही है।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और एसओजी की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। डॉग स्क्वायड की मदद से महल और उसके आसपास संभावित सुरागों की तलाश की गई। पुलिस ने महल में मौजूद पुजारी और अन्य लोगों के बयान दर्ज किए हैं। जांच टीम यह समझने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय महल में कौन-कौन मौजूद था और चोरों ने किस तरीके से वारदात को अंजाम दिया। पुलिस चोरी की घटना से जुड़े सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है।
महल के मालिक अखिलेश्वरी प्रताप सिंह परिवार के साथ लखनऊ में रहते हैं। उनके बेटे ऐश्वर्य प्रताप सिंह और बहू समीक्षा सिंह का कभी-कभार टेकारी महल में आना-जाना बताया गया है। महल में बड़ी चोरी के बाद पुलिस वहां आने-जाने वाले लोगों और हाल की गतिविधियों की जानकारी जुटा सकती है। साथ ही आसपास के क्षेत्र में भी संभावित संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
टेकारी महल में हुई बड़ी चोरी के बाद पुलिस पर जल्द खुलासा करने का दबाव है। एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम मामले की जांच कर रही है। महल से भारी मात्रा में चांदी, नकदी और अष्टधातु की मूर्ति चोरी होने के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि चोरों को महल में रखे कीमती सामान की जानकारी कैसे मिली और वारदात के बाद वे किस रास्ते से फरार हुए। फिलहाल पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी और चोरी गए सामान की बरामदगी के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।
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