नरेश टिकैत बोले- जयंत चौधरी से हमारे परिवार का तीन पीढ़ी का नाता

भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि उनका परिवार चौधरी जयंत सिंह के परिवार के साथ तीन पीढ़ियों से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हलवाई और ततैया वाला बयान सिर्फ जयंत को समझाने के लिए दिया गया था, लेकिन इसे राजनीतिक रंग दे दिया गया।

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नरेश टिकैत और चौधरी जयंत सिंह
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Feb 2026 06:38 PM
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UP News : बागपत के दोघट कस्बे में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि उनका परिवार चौधरी जयंत सिंह के परिवार के साथ तीन पीढ़ियों से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हलवाई और ततैया वाला बयान सिर्फ जयंत को समझाने के लिए दिया गया था, लेकिन इसे राजनीतिक रंग दे दिया गया। उन्होंने कहा कि किसान हित सर्वोपरि हैं और आपसी मतभेदों को भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कड़ा रुख

नरेश टिकैत ने केंद्र सरकार से अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को निरस्त करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि अमेरिकी कंपनियां देश में आईं तो इसका सीधा नुकसान किसानों को होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले किसानों की राय ली जानी चाहिए।

आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी भाकियू

टिकैत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की अनदेखी की तो भाकियू सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के संकेत हैं। टिकैत ने जिला पंचायत चुनाव निष्पक्ष कराने और निर्विरोध प्रत्याशी चुनने की अपील की। उनका कहना है कि इससे फिजूलखर्ची और विवाद कम होंगे। भाकियू इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों को 14 दिन के भीतर किसानों का गन्ना भुगतान करना चाहिए और आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए।

क्या है हलवाई-ततैया बयान का पूरा मामला?

नरेश टिकैत ने पहले कटाक्ष करते हुए कहा था कि जैसे हलवाई की दुकान पर बैठा ततैया हलवाई को नहीं काटता, उसी तरह सरकार में होने के कारण जयंत सिंह खुलकर विरोध नहीं कर सकते। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जवाब दिया कि उन्हें मीठे का कोई शौक नहीं। यह बयानबाजी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस का कारण बन गई है। UP News


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मौसम विभाग का अलर्ट : उत्तर प्रदेश में 2026 की गर्मी तोड़ सकती है रिकॉर्ड

मार्च के पहले सप्ताह से ही गर्मी की औपचारिक शुरुआत हो सकती है। अप्रैल में तापमान 40 डिग्री के आसपास और मई-जून में 45 डिग्री से ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है। इस बार हीटवेव के दिन अधिक और लंबे हो सकते हैं।

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भीषण गर्मी का असर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Feb 2026 06:10 PM
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UP News : मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह से ही गर्मी की औपचारिक शुरुआत हो सकती है। अप्रैल में तापमान 40 डिग्री के आसपास और मई-जून में 45 डिग्री से ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है। इस बार हीटवेव के दिन अधिक और लंबे हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि एल-नीनो की स्थिति मजबूत बनी रहती है तो प्रदेश में लू और भीषण गर्मी का असर ज्यादा समय तक रह सकता है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होगा।

यूपी के सबसे गर्म जिले कौन से?

बांदा कई बार प्रदेश का सबसे गर्म जिला दर्ज किया जा चुका है। सूखी जलवायु, कम हरियाली और राजस्थान से आने वाली गर्म हवाओं के कारण यहां तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच चुका है। झांसी भी गर्मी के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। अनुमान है कि होली से पहले ही तापमान 32 डिग्री तक पहुंच सकता है।

आगरा और प्रयागराज में हीट आइलैंड का असर

ताज नगरी आगरा में कंक्रीट संरचनाओं के कारण अर्बन हीट आइलैंड प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। वहीं प्रयागराज में भी लू के थपेड़े अक्सर जनजीवन को प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार जंगलों की कटाई, सूखते जलस्रोत, बढ़ती आबादी, कंक्रीट का फैलाव और वाहनों की संख्या में वृद्धि तापमान बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। शहरी इलाकों में रात के समय भी गर्मी से राहत कम मिल रही है।


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उत्तर प्रदेश के इस शहर में औद्योगिक क्रांति की तैयारी, 1000 हेक्टेयर में बसेगा औद्योगिक क्षेत्र

मैनपुरी जिले में औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि पर नया औद्योगिक गलियारा स्थापित किया जाएगा।

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औद्योगिक गलियारा स्थापित किया जाएगा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar25 Feb 2026 05:42 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। ग्रीन फील्ड लिंक एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि पर नया औद्योगिक गलियारा स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य न केवल औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करना है।

भूमि अधिग्रहण और रजिस्ट्री प्रक्रिया

भोगांव और किशनी तहसीलों में भूमि चिन्हित की गई है। प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के लिए लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि किसानों और भूमि मालिकों को तहसील में बुलाकर रजिस्ट्री पूरी करवाई जाए। इस कदम से परियोजना की शुरुआत शीघ्र होने की उम्मीद है।

एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी

यह एक्सप्रेसवे इटावा के कुदरैल से हरदोई के कौसिया तक विस्तृत होगा। मैनपुरी जिले में इसके तहत लगभग 30 किलोमीटर लंबी सिक्सलेन सड़क बनायी जाएगी। बेहतर सड़क संपर्क जिले को प्रदेश के अन्य औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों से जोड़ देगा, जिससे निवेश और व्यवसायिक गतिविधियों में वृद्धि संभव होगी।

औद्योगिक गलियारे का महत्व

इस औद्योगिक क्षेत्र के माध्यम से मैनपुरी के पारंपरिक और स्थानीय उत्पादों को बाजार में बढ़ावा मिलेगा। प्रस्तावित औद्योगिक केंद्रों में प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन से संबंधित गतिविधियाँ संचालित होंगी। इससे लघु और मध्यम उद्योगों को मजबूती मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। औद्योगिक क्षेत्र बनने के बाद मैनपुरी में औद्योगिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। इससे न केवल बुनियादी ढांचा मजबूत होगा, बल्कि जिले की आर्थिक समृद्धि में भी योगदान मिलेगा। निवेशकों के लिए यह क्षेत्र आकर्षक बन जाएगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। संक्षेप में, यह परियोजना मैनपुरी जिले के औद्योगिक और आर्थिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी। यह योजना रोजगार, निवेश और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ बुनियादी ढांचे को भी सुदृढ़ करेगी।



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