नरेश टिकैत बोले- जयंत चौधरी से हमारे परिवार का तीन पीढ़ी का नाता
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि उनका परिवार चौधरी जयंत सिंह के परिवार के साथ तीन पीढ़ियों से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हलवाई और ततैया वाला बयान सिर्फ जयंत को समझाने के लिए दिया गया था, लेकिन इसे राजनीतिक रंग दे दिया गया।

UP News : बागपत के दोघट कस्बे में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि उनका परिवार चौधरी जयंत सिंह के परिवार के साथ तीन पीढ़ियों से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हलवाई और ततैया वाला बयान सिर्फ जयंत को समझाने के लिए दिया गया था, लेकिन इसे राजनीतिक रंग दे दिया गया। उन्होंने कहा कि किसान हित सर्वोपरि हैं और आपसी मतभेदों को भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कड़ा रुख
नरेश टिकैत ने केंद्र सरकार से अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को निरस्त करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि अमेरिकी कंपनियां देश में आईं तो इसका सीधा नुकसान किसानों को होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले किसानों की राय ली जानी चाहिए।
आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी भाकियू
टिकैत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की अनदेखी की तो भाकियू सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के संकेत हैं। टिकैत ने जिला पंचायत चुनाव निष्पक्ष कराने और निर्विरोध प्रत्याशी चुनने की अपील की। उनका कहना है कि इससे फिजूलखर्ची और विवाद कम होंगे। भाकियू इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों को 14 दिन के भीतर किसानों का गन्ना भुगतान करना चाहिए और आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए।
क्या है हलवाई-ततैया बयान का पूरा मामला?
नरेश टिकैत ने पहले कटाक्ष करते हुए कहा था कि जैसे हलवाई की दुकान पर बैठा ततैया हलवाई को नहीं काटता, उसी तरह सरकार में होने के कारण जयंत सिंह खुलकर विरोध नहीं कर सकते। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जवाब दिया कि उन्हें मीठे का कोई शौक नहीं। यह बयानबाजी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस का कारण बन गई है। UP News
UP News : बागपत के दोघट कस्बे में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि उनका परिवार चौधरी जयंत सिंह के परिवार के साथ तीन पीढ़ियों से जुड़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हलवाई और ततैया वाला बयान सिर्फ जयंत को समझाने के लिए दिया गया था, लेकिन इसे राजनीतिक रंग दे दिया गया। उन्होंने कहा कि किसान हित सर्वोपरि हैं और आपसी मतभेदों को भुलाकर आगे बढ़ना चाहिए।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कड़ा रुख
नरेश टिकैत ने केंद्र सरकार से अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते को निरस्त करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि अमेरिकी कंपनियां देश में आईं तो इसका सीधा नुकसान किसानों को होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले किसानों की राय ली जानी चाहिए।
आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी भाकियू
टिकैत ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने किसानों की अनदेखी की तो भाकियू सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासत और तेज होने के संकेत हैं। टिकैत ने जिला पंचायत चुनाव निष्पक्ष कराने और निर्विरोध प्रत्याशी चुनने की अपील की। उनका कहना है कि इससे फिजूलखर्ची और विवाद कम होंगे। भाकियू इस चुनाव में हिस्सा नहीं लेगी। उन्होंने कहा कि चीनी मिलों को 14 दिन के भीतर किसानों का गन्ना भुगतान करना चाहिए और आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए।
क्या है हलवाई-ततैया बयान का पूरा मामला?
नरेश टिकैत ने पहले कटाक्ष करते हुए कहा था कि जैसे हलवाई की दुकान पर बैठा ततैया हलवाई को नहीं काटता, उसी तरह सरकार में होने के कारण जयंत सिंह खुलकर विरोध नहीं कर सकते। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जयंत चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जवाब दिया कि उन्हें मीठे का कोई शौक नहीं। यह बयानबाजी पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई बहस का कारण बन गई है। UP News












