उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए आने वाले दिन परेशानी भरे हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त और अहम रेलमार्गों में गिने जाने वाले कानपुर-लखनऊ सेक्शन पर गंगा पुल की डाउन लाइन में बड़े पैमाने पर मरम्मत और तकनीकी सुदृढ़ीकरण का काम शुरू होने जा रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए आने वाले दिन परेशानी भरे हो सकते हैं। उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त और अहम रेलमार्गों में गिने जाने वाले कानपुर-लखनऊ सेक्शन पर गंगा पुल की डाउन लाइन में बड़े पैमाने पर मरम्मत और तकनीकी सुदृढ़ीकरण का काम शुरू होने जा रहा है। इसी कारण रेलवे ने 2 अप्रैल से 13 मई तक इस रूट पर मेगा और पावर ब्लॉक लागू करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का असर व्यापक होगा, क्योंकि एक ओर 17 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी, वहीं वंदे भारत और स्वर्ण शताब्दी जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों समेत 29 रेलगाड़ियों को बदले हुए मार्ग से चलाया जाएगा या उन्हें बीच रास्ते तक सीमित कर दिया जाएगा। साफ है कि इस अवधि में उत्तर प्रदेश के लाखों यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित होने वाली हैं।
रेल प्रशासन के अनुसार यह विशेष ब्लॉक लगातार 42 दिनों तक प्रभावी रहेगा। रोजाना सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक ट्रैक पर काम होगा। चूंकि कानपुर-लखनऊ सेक्शन उत्तर प्रदेश के सबसे व्यस्त रेलमार्गों में शामिल है, इसलिए इसका असर केवल कुछ ट्रेनों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की रेल आवाजाही प्रभावित होगी। कानपुर और उन्नाव की सीमा पर स्थित गंगा पुल की डाउन रेल लाइन पर पुराने स्लीपर हटाकर उनकी जगह स्टील के एच-बीम लगाए जाएंगे। इसके साथ पटरियों और लोहे की चादरों को भी बदला जाएगा। इंजीनियरिंग विभाग की टीमें आधुनिक मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से यह काम पूरा करेंगी। इस दौरान अप लाइन पर सीमित रूप से ट्रेनों का संचालन जारी रहेगा, लेकिन सामान्य जैसी सुविधा नहीं मिलेगी। रेलवे का कहना है कि यह काम उत्तर प्रदेश के इस अहम रेलमार्ग को भविष्य के लिए अधिक सुरक्षित, मजबूत और भरोसेमंद बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। मेगा ब्लॉक शुरू होने से पहले मंडल रेल प्रबंधक सुनील कुमार वर्मा ने गंगा पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी तैयारियों और कार्य की गति की समीक्षा की। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि काम तेजी से हो, लेकिन सुरक्षा के मानकों से कोई समझौता न किया जाए। निरीक्षण के बाद ही निरस्त और डायवर्ट ट्रेनों की सूची को अंतिम स्वीकृति दी गई।
इस अवधि में वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-लखनऊ मेमू, कानपुर सेंट्रल-रायबरेली पैसेंजर समेत कुल 17 ट्रेनें पूरी तरह रद्द रहेंगी। इनमें 11109 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-लखनऊ जंक्शन इंटरसिटी भी शामिल है। इससे साफ है कि उत्तर प्रदेश के अंदर छोटी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ सकती है।
इस मेगा ब्लॉक का असर कई लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी साफ दिखाई देगा। कुछ ट्रेनें अपने तय गंतव्य तक नहीं पहुंच पाएंगी और उन्हें बीच रास्ते में ही सीमित कर दिया जाएगा। 12103 पुणे-लखनऊ सुपरफास्ट 7, 14, 21, 28 अप्रैल और 5, 12 मई को कानपुर सेंट्रल तक ही चलेगी। वहीं 12104 लखनऊ-पुणे सुपरफास्ट 8, 15, 22, 29 अप्रैल और 6, 13 मई को कानपुर से आगे संचालित नहीं होगी। 22121 एलटीटी-लखनऊ सुपरफास्ट 4, 11, 18, 25 अप्रैल तथा 2 और 9 मई को आंशिक रूप से प्रभावित रहेगी, जबकि 22122 लखनऊ-एलटीटी एसी सुपरफास्ट 5, 12, 19, 26 अप्रैल और 3, 10 मई को आंशिक निरस्तीकरण के दायरे में रहेगी। इसके अलावा 54335/54336 पैसेंजर 2 अप्रैल से 13 मई तक उन्नाव तक ही सीमित रहेगी। ऐसे में उत्तर प्रदेश के कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के बीच नियमित सफर करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लेना चाहिए, क्योंकि थोड़ी-सी अनदेखी बड़ी असुविधा में बदल सकती है।
इस मेगा ब्लॉक का असर कई लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी साफ दिखाई देगा। कुछ ट्रेनें अपने तय गंतव्य तक नहीं पहुंच पाएंगी और उन्हें बीच रास्ते में ही सीमित कर दिया जाएगा। 12103 पुणे-लखनऊ सुपरफास्ट 7, 14, 21, 28 अप्रैल और 5, 12 मई को कानपुर सेंट्रल तक ही चलेगी। वहीं 12104 लखनऊ-पुणे सुपरफास्ट 8, 15, 22, 29 अप्रैल और 6, 13 मई को कानपुर से आगे संचालित नहीं होगी। 22121 एलटीटी-लखनऊ सुपरफास्ट 4, 11, 18, 25 अप्रैल तथा 2 और 9 मई को आंशिक रूप से प्रभावित रहेगी, जबकि 22122 लखनऊ-एलटीटी एसी सुपरफास्ट 5, 12, 19, 26 अप्रैल और 3, 10 मई को आंशिक निरस्तीकरण के दायरे में रहेगी। इसके अलावा 54335/54336 पैसेंजर 2 अप्रैल से 13 मई तक उन्नाव तक ही सीमित रहेगी। ऐसे में उत्तर प्रदेश के कानपुर, उन्नाव और लखनऊ के बीच नियमित सफर करने वाले यात्रियों को अपनी यात्रा से पहले ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लेना चाहिए, क्योंकि थोड़ी-सी अनदेखी बड़ी असुविधा में बदल सकती है। UP News