प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। योगी आदित्यनाथ ने स्कूल चलो अभियान के शुभारंभ के मौके पर उनके मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले के तहत अनुदेशकों और शिक्षामित्रों को बढ़ा हुआ मानदेय इसी महीने से मिलना शुरू हो जाएगा।

UP News : उत्तर प्रदेश के लाखों शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। योगी आदित्यनाथ ने स्कूल चलो अभियान के शुभारंभ के मौके पर उनके मानदेय में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस फैसले के तहत अनुदेशकों और शिक्षामित्रों को बढ़ा हुआ मानदेय इसी महीने से मिलना शुरू हो जाएगा। सरकार के इस कदम को शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि शिक्षामित्रों को अब 18,000 रुपये प्रति माह तथा अनुदेशकों को 17,000 रुपये प्रति माह मानदेय मिलेगा। का मानदेय दिया जाएगा और यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार शिक्षा से जुड़े हर वर्ग शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइयों के हित में फैसले ले रही है, ताकि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।
योगी आदित्यनाथ ने यह भी घोषणा की कि शिक्षकों, शिक्षामित्रों, रसोइयों और अनुदेशकों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा दी जाएगी। सरकार इस योजना में आर्थिक सहयोग करेगी, जिससे शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों और उनके परिवारों को इलाज में राहत मिल सके।
घर-घर जाकर बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करने की अपील की गई। मुख्यमंत्री ने 1 से 15 अप्रैल तक चलने वाले स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने के लिए शिक्षकों को विशेष जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि हर शिक्षक सुबह अपने क्षेत्र में जाकर अभिभावकों से संपर्क करें। यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी बच्चा स्कूल से वंचित न रहे। जरूरत पड़े तो शिक्षक खुद बच्चों को स्कूल लेकर आएं। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि प्रधानाचार्य अभिभावकों के साथ बैठक करें, ताकि शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े।
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा पर लगभग 80 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस निवेश के अनुरूप बेहतर परिणाम भी दिखने चाहिए। सरकार द्वारा किए गए प्रमुख कार्यों में शामिल हैं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों का विस्तार 12वीं तक। श्रमिक और निराश्रित बच्चों के लिए अटल आवासीय विद्यालय। हर जिले में नए कंपोजिट स्कूलों की स्थापना
व प्री-प्राइमरी से 12वीं तक एक ही परिसर में शिक्षा की सुविधा। बाल वाटिकाओं का तेजी से निर्माण किया जाएगा।
शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, राज्य सरकार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से न केवल शिक्षा कर्मियों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।