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प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन टीम लगातार कार्रवाई कर रही है।

UP News : उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत एंटी करप्शन टीम लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में बुलंदशहर के खुर्जा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने नवीन मंडी के सचिव को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद मंडी परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और व्यापारियों के बीच भी मामले की चर्चा तेज हो गई।
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जानकारी के मुताबिक खुर्जा नवीन मंडी में कारोबार करने वाले आढ़ती अतुल गुप्ता को मंडी सचिव नाहर सिंह की ओर से लगातार नोटिस जारी किए जा रहे थे। आरोप है कि इन नोटिसों से राहत दिलाने और मामले को समाप्त करने के बदले सचिव ने एक लाख रुपये की मांग की थी। लगातार दबाव और कथित उत्पीड़न से परेशान होकर व्यापारी ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने मामले की जांच शुरू की और शिकायतकर्ता से संपर्क साधा।
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एंटी करप्शन टीम के प्रभारी निरीक्षक योगेंद्र धामा के नेतृत्व में अधिकारियों ने शिकायत की पुष्टि के बाद पूरी रणनीति तैयार की। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर मंडी सचिव के पास भेजा गया। जैसे ही आरोपी ने कार्यालय में एक लाख रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी सचिव को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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कार्रवाई की खबर फैलते ही मंडी क्षेत्र में हड़कंप मच गया। व्यापारी वर्ग के बीच भी इस घटना को लेकर चचार्ओं का दौर शुरू हो गया। कई लोगों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों पर लगातार हो रही कार्रवाई से सरकारी विभागों में जवाबदेही बढ़ेगी। बुलंदशहर में यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 18 जून को शिकारपुर कृषि उत्पादन मंडी समिति में तैनात कंप्यूटर आॅपरेटर जितेंद्र कुमार को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया था। उस मामले में मंडी सचिव अर्जुन सिंह पर भी आरोप लगे थे, लेकिन वह कार्रवाई के दौरान फरार हो गया था। बाद में शिकारपुर कोतवाली में मंडी सचिव और कंप्यूटर आॅपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
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मामले पर जानकारी देते हुए सीओ शोभित कुमार अत्री ने बताया कि एंटी करप्शन टीम आरोपी मंडी सचिव को पूछताछ के लिए थाने लेकर आई है। टीम द्वारा जांच पूरी की जा रही है और औपचारिक तहरीर मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
उधर, बलिया जिले से भी रिश्वतखोरी का एक मामला सामने आया है। बैरिया क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया कि भूमि पैमाइश कराने के नाम पर उससे 15 हजार रुपये वसूले गए, लेकिन काम नहीं किया गया। शिकायत मिलने पर एसडीएम संजय कुशवाहा ने तत्काल संज्ञान लिया और कथित रूप से राजस्व विभाग से जुड़े एक बाहरी व्यक्ति को पुलिस के हवाले कर दिया। साथ ही संबंधित राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
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प्रदेश में लगातार सामने आ रहे रिश्वतखोरी के मामलों के बीच एंटी करप्शन और विजिलेंस विभाग की कार्रवाई तेज हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में महिला का आरोप है कि धारा-24 के तहत भूमि पैमाइश का आदेश होने के बावजूद उसे बार-बार चक्कर लगवाए गए। इसी दौरान एक व्यक्ति ने कथित तौर पर सुविधा शुल्क की मांग की और 15 हजार रुपये लेने के बाद भी पैमाइश नहीं कराई।
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