मसफाईकर्मियों की भर्ती को लेकर अचानक विवाद क्यों बढ़ गया? शिकायतों के बाद नगर आयुक्त ने भर्ती प्रक्रिया रोककर जांच कमेटी गठित की, लेकिन इसके बाद मामला और गरमा गया। 25 सितंबर को नगर आयुक्त की सरकारी गाड़ी घेरने की घटना के विरोध में कर्मचारी परिषद भी प्रदर्शन पर उतर आई।

UP News : उत्तर प्रदेश के मथुरा में नगर निगम से जुड़ा एक मामला अचानक गरमा गया है। सफाईकर्मियों की भर्ती को लेकर चल रही प्रक्रिया के बीच कुछ ऐसा हुआ कि नगर आयुक्त को बड़ा कदम उठाना पड़ा। मामला यहीं नहीं रुका, अगले ही दिन नगर निगम परिसर में कर्मचारियों का आक्रोश भी सामने आ गया। उत्तर प्रदेश के मथुरा में नगर निगम की सफाईकर्मियों की भर्ती को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। सफाईकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया के बीच पात्रता और पारदर्शिता को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाकर जांच कमेटी गठित की। इसके बाद विवाद उस समय और बढ़ गया, जब नगर आयुक्त की सरकारी गाड़ी को घेरने का मामला सामने आया। नगर आयुक्त ओजस्वी राज मथुरा नगर निगम की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। UP News
राज्य स्वायत्त शासन कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष हरीश यादव और कोषाध्यक्ष अरुण खंडेलवाल के अनुसार, नगर निगम में लेबर यूनियन के माध्यम से करीब 500 सफाईकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। कर्मचारियों की ट्रेनिंग भी पूरी कराई जा चुकी थी। इसी दौरान भर्ती में पात्रता और पारदर्शिता को लेकर कुछ शिकायतें नगर आयुक्त के सामने पहुंचीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने भर्ती प्रक्रिया को तत्काल रोक दिया और पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी। UP News
जांच कमेटी की अध्यक्षता अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार को सौंपी गई है। कमेटी में MNLP रामकृष्ण पांडेय, अपर नगर आयुक्त सुनीता सिंह तथा लेबर यूनियन के प्रतिनिधि अजय चौधरी और प्रीतम सिंह को शामिल किया गया है। बताया गया है कि कमेटी में यूनियन प्रतिनिधियों को शामिल करने का उद्देश्य जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना है। हालांकि, कर्मचारी परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि इसी जांच के फैसले के बाद विवाद बढ़ा और लेबर यूनियन से जुड़े लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया। UP News
विवाद ने 25 सितंबर को उस समय नया मोड़ ले लिया, जब कर्मचारी परिषद के अनुसार लेबर यूनियन के कुछ कार्यकर्ताओं ने नगर आयुक्त की सरकारी गाड़ी को घेर लिया। परिषद का आरोप है कि प्रदर्शनकारी गाड़ी के सामने जमीन पर बैठ गए और कुछ लोग लेट भी गए। आरोप यह भी है कि नगर आयुक्त को गाड़ी में बैठने से रोका गया और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। इस घटना के बाद नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों में नाराजगी बताई जा रही है। UP News
नगर आयुक्त की गाड़ी घेरने की घटना के विरोध में राज्य स्वायत्त शासन कर्मचारी परिषद उत्तर प्रदेश के पदाधिकारी और नगर निगम कर्मचारी एकजुट होकर निगम परिसर पहुंचे। कर्मचारियों ने नगर आयुक्त के समर्थन में नारेबाजी की और लेबर यूनियन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। परिषद का कहना है कि किसी अधिकारी के साथ इस तरह का व्यवहार कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल के माहौल से जुड़ा गंभीर विषय है। UP News
इस पूरे विवाद के बीच सबसे बड़ा सवाल 500 सफाईकर्मियों की भर्ती को लेकर है। नगर आयुक्त द्वारा जांच कमेटी गठित किए जाने के बाद अब कमेटी की रिपोर्ट पर आगे की प्रक्रिया निर्भर करेगी। गौरतलब है कि मथुरा नगर निगम में सफाई कर्मचारियों से जुड़े विवाद पहले भी सामने आए हैं। सितंबर में सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर हड़ताल और वार्ता का मामला भी सामने आया था। UP News
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