मथुरा में दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ ने कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर CM के नाम ज्ञापन सौंपा। जल्द समाधान की मांग की गई।

UP News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के जनपद न्यायालय के कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित समस्याओं और विभिन्न जायज मांगों को लेकर दीवानी न्यायालय कर्मचारी संघ, शाखा मथुरा ने आवाज बुलंद की है। संघ की ओर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन स्थानीय कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी के माध्यम से शासन को भेजा गया। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि न्यायालय कर्मचारियों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं। बार-बार मांग उठाए जाने के बावजूद अब तक अपेक्षित समाधान नहीं होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। कर्मचारियों ने सरकार से उनकी समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारी संघ ने शासन का ध्यान न्यायालय कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की ओर आकर्षित कराया। पदाधिकारियों ने कहा कि न्यायालयों में काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में कर्मचारियों की सुविधाओं, सेवा संबंधी मांगों और अन्य लंबित समस्याओं का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। संघ ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप कर कर्मचारियों की लंबित मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई है। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान होने से न्यायिक कार्यों के संचालन में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया कि अपने अधिकारों और हितों से जुड़े मुद्दों को शासन तक पहुंचाने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से प्रयास जारी रहेंगे। पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की एकजुटता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी एकता के साथ वे अपनी जायज मांगों के समाधान के लिए आगे भी संघर्ष करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में न्यायालय कर्मचारियों की अहम भूमिका होती है। इसलिए कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान शाखा अध्यक्ष रूप किशोर शर्मा, सचिव राम नरेश शर्मा, जितेंद्र शर्मा, मनोज चौधरी, यशपाल, बबलू कुमार, पंकज वर्मा, विष्णु प्रभाकर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। सभी कर्मचारियों ने लंबित मांगों के जल्द समाधान की उम्मीद जताई। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आगे की रणनीति तय कर आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है। UP News:
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