उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगरी मथुरा में रेलवे स्टेशन पर बंदरों का आतंक यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। स्टेशन परिसर और उसके आसपास बंदरों के झुंड लगातार दिखाई दे रहे हैं।

UP News : उत्तर प्रदेश के धार्मिक नगरी मथुरा में रेलवे स्टेशन पर बंदरों का आतंक यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है। स्टेशन परिसर और उसके आसपास बंदरों के झुंड लगातार दिखाई दे रहे हैं। ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्रियों से लेकर प्लेटफॉर्म पर सामान लेकर आने-जाने वाले लोगों तक को बंदरों से बचकर निकलना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि कई बार बंदर यात्रियों के हाथ से खाने-पीने की वस्तुएं और अन्य सामान छीनकर भाग जाते हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों के मुताबिक बंदरों की संख्या बढ़ने के साथ उनका व्यवहार भी कई बार आक्रामक हो जाता है। उन्हें भगाने या सामान वापस लेने की कोशिश करने पर बंदरों के हमला करने का खतरा बना रहता है। ऐसे में रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। UP News
मथुरा रेलवे स्टेशन पर दिन हो या रात, बंदरों की मौजूदगी यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। स्टेशन परिसर के अलावा आसपास के इलाकों में भी बड़ी संख्या में बंदर घूमते नजर आते हैं। ट्रेन पकड़ने के लिए जल्दबाजी में प्लेटफॉर्म की ओर जाने वाले यात्रियों को विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। खाने-पीने का सामान लेकर चलने वाले यात्रियों पर बंदरों की नजर रहती है। मौका मिलते ही बंदर सामान झपटकर ले जाते हैं। इस दौरान यात्री अचानक घबरा जाते हैं और कई बार भगदड़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी पैदा हो सकता है। UP News
यात्रियों का कहना है कि बंदरों से सबसे अधिक खतरा तब बढ़ जाता है, जब वे सामान छीनने के बाद उसे वापस लेने की कोशिश करते हैं। विरोध करने या बंदरों को भगाने पर उनके आक्रामक होने की आशंका रहती है। बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं के लिए यह समस्या और गंभीर हो जाती है। स्टेशन पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी आते हैं, जिनमें ऐसे लोग शामिल होते हैं जो मथुरा से परिचित नहीं होते। ऐसे यात्रियों के लिए बंदरों के झुंड के बीच से सामान लेकर निकलना मुश्किल हो जाता है। UP News
शहरी आबादी के आसपास बंदरों की संख्या बढ़ने को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। स्थानीय स्तर पर बंदरों की संख्या नियंत्रित करने के लिए नसबंदी समेत अन्य उपायों की मांग भी सामने आती रही है। यात्रियों का कहना है कि समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन बंदरों को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी और स्थायी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है। उनका कहना है कि केवल यात्रियों को सावधान रहने की सलाह देने के बजाय संबंधित विभागों को समस्या के मूल कारण पर काम करना चाहिए। UP News
मथुरा रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री और श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में बंदरों की बढ़ती मौजूदगी केवल असुविधा का विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा मामला बनता जा रहा है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और संबंधित जिम्मेदार विभाग से स्टेशन परिसर का निरीक्षण कराने की मांग की है। साथ ही बंदरों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने और यात्रियों को उनके हमलों से बचाने की प्रभावी व्यवस्था करने की अपील की गई है।
यात्रियों का कहना है कि मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा और यात्री सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बंदरों के कारण किसी बड़े हादसे या गंभीर चोट की घटना होने से पहले जिम्मेदार विभागों को ठोस कदम उठाने की जरूरत है। UP News
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