मथुरा के गोविंद नगर क्षेत्र के जय सिंह पुरा में यमुना से कथित अवैध बालू खनन को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि बालू से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिनभर इलाके से गुजरती हैं। शिकायत के बाद पुलिस द्वारा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़े जाने और बाद में छोड़े जाने का भी दावा किया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में यमुना नदी से कथित अवैध खनन का मामला सामने आया है। थाना गोविंद नगर क्षेत्र के बिरला मंदिर चौकी अंतर्गत जय सिंह पुरा इलाके में यमुना किनारे से बालू निकालकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए ले जाने का आरोप स्थानीय लोगों ने लगाया है। लोगों का कहना है कि सुबह से देर रात तक बालू से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही होती रहती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह गतिविधि बिरला मंदिर पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर होने के बावजूद लगातार जारी है। मामले को लेकर लोगों ने पुलिस और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का दावा है कि जय सिंह पुरा क्षेत्र में यमुना किनारे से रोजाना कई ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बालू भरकर ले जाया जा रहा है। आरोप है कि खनन के बाद ये वाहन शहर की सड़कों से होकर गुजरते हैं। लोगों का कहना है कि दिन के साथ-साथ देर रात तक भी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही देखी जाती है। इससे क्षेत्र में अवैध खनन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मामले की सूचना यूपी 112 और बिरला मंदिर चौकी पुलिस को दी गई थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने हिना मीना स्कूल के पास बालू से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ समय बाद वाहन को छोड़ दिया गया। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। लोगों ने पूरे मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यमुना से अनधिकृत तरीके से बालू निकालने से नदी के प्राकृतिक स्वरूप और पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। साथ ही, यदि खनन बिना वैध अनुमति के हो रहा है तो इससे सरकारी राजस्व को भी नुकसान होने की आशंका है। खनन गतिविधियों के लिए संबंधित विभागों और प्रशासन से आवश्यक अनुमति एवं नियमों का पालन जरूरी होता है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की जांच की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मामले की जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि बिना अनुमति खनन हो रहा है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल मामले में प्रशासन और पुलिस की ओर से आधिकारिक कार्रवाई या विस्तृत बयान का इंतजार है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यमुना से बालू खनन के लिए संबंधित लोगों के पास वैध अनुमति थी या नहीं। UP News :
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