बसपा के अन्य दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की खबरें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। मायावती ने जोर देकर कहा कि बसपा स्वतंत्र राजनीतिक पहचान के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उनके मुताबिक कुछ दल जानबूझकर भ्रम फैलाकर पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

UP News : मायावती ने लखनऊ में आयोजित बैठक में स्पष्ट कर दिया कि उनकी पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अपने दम पर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि बसपा के अन्य दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की खबरें पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं। मायावती ने जोर देकर कहा कि बसपा स्वतंत्र राजनीतिक पहचान के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उनके मुताबिक कुछ दल जानबूझकर भ्रम फैलाकर पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकतार्ओं से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और संगठन को मजबूत करने पर फोकस करें।
उन्होंने देशभर के समर्थकों से आह्वान किया कि वे भीमराव अंबेडकर के विचारों और स्वाभिमान की भावना को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय रहें। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को अत्यधिक महत्व दिया जा रहा है, जबकि लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
दिल्ली में मिले टाइप-8 सरकारी आवास को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि यह आवंटन उनकी सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर फैल रही गलत जानकारियों से सावधान रहना चाहिए। उन्होंने 2 जून 1995 की घटना, लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड, का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय उन पर गंभीर हमला हुआ था। उनके अनुसार, उसी दौर से उन्हें उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रदान की गई, और समय के साथ सुरक्षा संबंधी खतरे कम होने के बजाय बढ़े हैं।
* बसपा 2007 की तरह पूर्ण बहुमत का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ेगी।
* कार्यकतार्ओं को हाथी की मस्त चाल के साथ शांत और संगठित रहकर काम करने का संदेश।
* विपक्षी दलों पर दुष्प्रचार और साजिश के आरोप।
यह घोषणा संकेत देती है कि बसपा आने वाले चुनाव में स्वतंत्र रणनीति के साथ अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत करने की कोशिश करेगी। UP News