उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी की चुनावी दिशा और प्राथमिकताओं को लेकर बड़ा संदेश दिया है।

UP News : उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी बीच उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी की चुनावी दिशा और प्राथमिकताओं को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि उत्तर प्रदेश में बसपा किसी भी हालत में आपराधिक छवि वाले लोगों को चुनावी मैदान में उतारने के पक्ष में नहीं है। पार्टी टिकट वितरण में “सर्वजन” की भागीदारी को प्राथमिकता देगी और उम्मीदवार तय करते समय सभी वर्गों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने पर विशेष ध्यान रखा जाएगा। मायावती ने कहा कि बसपा की पहचान केवल एक राजनीतिक दल के रूप में नहीं, बल्कि “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” की सोच पर चलने वाली पार्टी के रूप में रही है। ऐसे में उत्तर प्रदेश जैसे सामाजिक रूप से विविध और राजनीतिक रूप से अहम राज्य में उम्मीदवारों का चयन बेहद सोच-समझकर किया जाएगा, ताकि हर तबके को सम्मानजनक हिस्सेदारी मिल सके।
मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित बैठक में मायावती ने उत्तर प्रदेश की राज्य और जिला इकाइयों के पदाधिकारियों के साथ संगठनात्मक स्थिति, आर्थिक मजबूती, जनाधार विस्तार और चुनावी तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पार्टी की प्रगति रिपोर्ट को और मजबूत बनाया जाए तथा किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बसपा प्रमुख का मानना है कि उत्तर प्रदेश समेत देशभर में जनता सरकार की नीतियों और जनहित के मुद्दों पर उदासीन रवैये से परेशान है। ऐसे माहौल में लोग बसपा की ओर उम्मीद से देख रहे हैं। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि अगर पार्टी को जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है, तो उसे बूथ स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ काम करना होगा।
मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रोजी-रोटी का संकट पहले से ज्यादा गंभीर होता जा रहा है। उनका आरोप था कि सरकार जमीनी समाधान निकालने के बजाय अब भी बड़े-बड़े दावों और वादों के सहारे जनता को बहलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता सिर्फ नारा नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे धरातल पर उतारना जरूरी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल, गरीब और पिछड़े राज्य में रोजगार का सवाल सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। यदि युवाओं, मजदूरों और वंचित तबकों को स्थायी अवसर नहीं मिले, तो सामाजिक और आर्थिक असंतुलन और बढ़ेगा। बसपा प्रमुख ने जोर देकर कहा कि हर हाथ को काम और हर परिवार को सम्मानजनक जीवन देने के लिए सरकार को गंभीर और प्रभावी नीतियां लागू करनी चाहिए। बसपा सुप्रीमो ने अंतरराष्ट्रीय हालात का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ रहा है। उनके मुताबिक रसोई गैस, पेट्रोल और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी ने उत्तर प्रदेश के आम परिवारों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। इसका सीधा असर रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम पर पड़ा है और महंगाई ने मेहनतकश वर्ग की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में गरीब, मजदूर, किसान और निम्न आय वर्ग के लोग पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहे हैं। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि सरकार हालात को केवल बयानबाजी से नहीं, बल्कि ठोस फैसलों से संभाले। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि देश और प्रदेश को ऐसे किसी नए आर्थिक संकट से बचाना जरूरी है, जो जनता को फिर असाधारण कठिन दौर में धकेल दे।
14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती को लेकर भी बसपा ने उत्तर प्रदेश में व्यापक तैयारी का संकेत दिया है। मायावती ने पार्टी संगठन को निर्देश दिया कि 14 अप्रैल का यह अवसर केवल एक औपचारिक आयोजन बनकर न रह जाए, बल्कि इसे मिशनरी सोच, सामाजिक चेतना और वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ मनाया जाए। उन्होंने लखनऊ में होने वाले मुख्य कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के सभी 18 मंडलों से कार्यकर्ताओं और उनके परिवारों की बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि बाबा साहेब को सामूहिक रूप से श्रद्धांजलि अर्पित की जा सके। UP News