बसपा सुप्रीमो मायावती ने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से बाहर कर बड़ा सियासी संदेश दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मायावती ने पहले आकाश आनंद को बसपा के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया और अब उनकी प्राथमिक सदस्यता भी समाप्त कर दी है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने एक बार फिर बड़ा राजनीतिक फैसला लेकर सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी बाहर कर दिया है। इससे पहले 3 सितंबर 2026 को उन्हें बसपा के राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाया गया था। अब आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह मुक्त किए जाने के बाद मायावती ने कार्यकर्ताओं को भी स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी का पूरा ध्यान अब बहुजन आंदोलन और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर होना चाहिए। मायावती के इस फैसले को केवल पारिवारिक रिश्तों से जुड़ा कदम नहीं, बल्कि बसपा के संगठन और नेतृत्व को लेकर लिया गया महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय माना जा रहा है। आकाश आनंद लंबे समय से मायावती के राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर देखे जाते रहे हैं। ऐसे में उन्हें पहले राष्ट्रीय संयोजक पद से हटाना और अब पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बाहर करना बसपा की आगे की रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। UP News
आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के पीछे उनके ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ का राजनीतिक घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान किया है। मायावती ने इस फैसले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से अलग होने का निर्णय पहले ही ले लिया होता तो आकाश आनंद, बसपा और बहुजन आंदोलन को लगातार मुश्किल एवं विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता। मायावती ने संकेत दिया कि अशोक सिद्धार्थ का राजनीति से संन्यास लेने का फैसला उस समय आया, जब परिस्थितियां काफी बदल चुकी थीं। उन्होंने उनकी राजनीतिक भूमिका और निजी महत्वाकांक्षाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए। UP News
बसपा सुप्रीमो ने आकाश आनंद के रवैये को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। मायावती के मुताबिक आकाश आनंद पहले लगातार उनके एक्स पोस्ट को रिपोस्ट करते थे, लेकिन जब अशोक सिद्धार्थ से संबंधित उनकी पोस्ट सामने आई तो आकाश आनंद ने उसे रिपोस्ट नहीं किया। मायावती ने इसे महज सोशल मीडिया गतिविधि नहीं माना, बल्कि पारिवारिक और राजनीतिक प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि यदि कोई व्यक्ति पार्टी और परिवार के बीच 'डबल माइंड' होकर काम करेगा तो वह बसपा का भला कैसे कर सकता है। उनके इस बयान से साफ है कि आकाश आनंद के राजनीतिक रुख को लेकर मायावती के भीतर गहरी नाराजगी पैदा हुई थी। UP News
मायावती ने अपने बयान में आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें वास्तव में आकाश आनंद के राजनीतिक भविष्य और बहुजन आंदोलन की चिंता थी तो उन्हें बहुत पहले ही सक्रिय राजनीति से अलग हो जाना चाहिए था। मायावती के इस रुख से संकेत मिलता है कि बसपा नेतृत्व में आकाश आनंद और अशोक सिद्धार्थ की राजनीतिक भूमिका को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। अब आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के फैसले ने इन मतभेदों को खुलकर सामने ला दिया है। UP News
आकाश आनंद को पार्टी से बाहर करने के साथ ही मायावती ने बसपा कार्यकर्ताओं को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए नया लक्ष्य भी दिया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विरोधियों के राजनीतिक हथकंडों का मजबूती से मुकाबला करने की अपील की है। मायावती ने 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के सिद्धांत को आधार बनाकर उत्तर प्रदेश में पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरने और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने का लक्ष्य सामने रखा है। UP News
आकाश आनंद को पार्टी से पूरी तरह बाहर किए जाने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि बसपा अब अपने संगठन और नेतृत्व की अगली तस्वीर किस तरह तैयार करेगी। मायावती ने जिस तरह परिवार से जुड़े राजनीतिक समीकरणों से ऊपर पार्टी और बहुजन आंदोलन को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है, उससे माना जा रहा है कि 2027 के चुनाव से पहले बसपा संगठन में कई और महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। ऐसे समय में मायावती का यह फैसला बसपा की चुनावी रणनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि आकाश आनंद के पार्टी से बाहर होने के बाद बसपा का संगठन किस दिशा में आगे बढ़ता है और मायावती 2027 में पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने के लिए किस तरह की नई रणनीति अपनाती हैं। UP News
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