होली पर उत्तर प्रदेश में बढ़ेगी बस सेवा, घर वापसी होगी आसान
ऐसे में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने इन इलाकों में बसों और स्टाफ की पर्याप्त संख्या पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने बताया कि यदि शुरुआती स्टेशनों से 60 प्रतिशत तक यात्री लोड मिलता है, तो जरूरत के अनुसार उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अतिरिक्त बसें बढ़ाई जाएंगी।

UP News : होली से पहले ही बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने परिवहन व्यवस्था पर बड़ा फैसला लिया है। त्योहार के दिनों में घर लौटने वालों को बसों की कमी न झेलनी पड़े और बस अड्डों पर अफरा-तफरी की स्थिति न बने इसके लिए 28 फरवरी से 9 मार्च तक प्रदेशभर में अतिरिक्त बसें चलाने का आदेश जारी किया गया है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के मुताबिक, होली के दौरान दिल्ली, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने-जाने वाले यात्रियों का दबाव सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने इन इलाकों में बसों और स्टाफ की पर्याप्त संख्या पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने बताया कि यदि शुरुआती स्टेशनों से 60 प्रतिशत तक यात्री लोड मिलता है, तो जरूरत के अनुसार उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अतिरिक्त बसें बढ़ाई जाएंगी।
हर बस की होगी जांच
होली के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार ने नो-लूज एंड प्लान लागू कर दिया है। मंत्री के निर्देश स्पष्ट हैं कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की शत-प्रतिशत बसें ऑन-रोड रहेंगी, ताकि त्योहार के बीच यात्रियों को रूट पर बसों की कमी न झेलनी पड़े। इसी के साथ पर्व अवधि में अनुबंधित बसों के कर्मचारियों की छुट्टी पर भी रोक लगाने को कहा गया है। बस मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय रहते मरम्मत, फिटनेस और तकनीकी जांच पूरी कर बसों को संचालन के लिए तैयार रखें क्योंकि होली पर उत्तर प्रदेश में एक-एक बस का फर्क पड़ता है। सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाना ही नहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा को भी सबसे ऊपर रखा है। जाम, भीड़ या किसी दुर्घटना की स्थिति में संचालन बाधित न हो इसके लिए निगरानी तंत्र को और कड़ा किया जा रहा है।
- प्रवर्तन टीमें लगातार मैदान में रहकर निगरानी करेंगी
- चालक-परिचालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य होगा
- बसों की तकनीकी फिटनेस (ब्रेक, लाइट, टायर आदि) की नियमित जांच होगी
- सीटें, खिड़कियों के शीशे और फायर सेफ्टी उपकरण दुरुस्त रखने के निर्देश
- बस अड्डों और बसों में स्वच्छता पर खास फोकस रहेगा, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके
उत्तर प्रदेश में टॉप परफॉर्मर्स को सम्मानित करेगी सरकार
होली के दौरान यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन व्यवस्था को चलाने वाले फ्रंटलाइन हीरोज यानी चालक-परिचालकों के लिए भी बड़ा प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया है। संदेश साफ है: जितना बेहतर संचालन, उतना बेहतर इनाम। पर्व अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चालक-परिचालकों (संविदा और आउटसोर्सिंग सहित) को तय मानकों के आधार पर अतिरिक्त राशि दी जाएगी। योजना के तहत प्रतिदिन औसतन 300 किमी संचालन करने पर 360 रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 3600 रुपये प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं 10 दिन की पूरी ड्यूटी और निर्धारित मानक पूरा करने पर यह बढ़कर 450 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 4500 रुपये तक पहुंच जाएगा। निर्धारित मानक से ज्यादा दूरी तय करने पर 55 पैसे प्रति किमी अतिरिक्त मानदेय भी दिया जाएगा। यहीं नहीं, उत्तर प्रदेश के डिपो और क्षेत्रीय कार्यशालाओं में तैनात कर्मचारियों के लिए भी एकमुश्त प्रोत्साहन तय किया गया है, 10 दिन लगातार ड्यूटी करने पर 2100 रुपये, जबकि 9 दिन ड्यूटी पर 1800 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रोत्साहन अवधि में असाधारण काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को क्षेत्रीय समिति की संस्तुति पर अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। और जो टीमें कमाई के मोर्चे पर बाजी मारेंगी, उन्हें सम्मान भी मिलेगा। UP News
UP News : होली से पहले ही बढ़ती यात्रियों की भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने परिवहन व्यवस्था पर बड़ा फैसला लिया है। त्योहार के दिनों में घर लौटने वालों को बसों की कमी न झेलनी पड़े और बस अड्डों पर अफरा-तफरी की स्थिति न बने इसके लिए 28 फरवरी से 9 मार्च तक प्रदेशभर में अतिरिक्त बसें चलाने का आदेश जारी किया गया है। परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के मुताबिक, होली के दौरान दिल्ली, गाजियाबाद और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने-जाने वाले यात्रियों का दबाव सबसे ज्यादा होता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम ने इन इलाकों में बसों और स्टाफ की पर्याप्त संख्या पहले से तैनात रखने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने बताया कि यदि शुरुआती स्टेशनों से 60 प्रतिशत तक यात्री लोड मिलता है, तो जरूरत के अनुसार उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी अतिरिक्त बसें बढ़ाई जाएंगी।
हर बस की होगी जांच
होली के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को लेकर सरकार ने नो-लूज एंड प्लान लागू कर दिया है। मंत्री के निर्देश स्पष्ट हैं कि उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की शत-प्रतिशत बसें ऑन-रोड रहेंगी, ताकि त्योहार के बीच यात्रियों को रूट पर बसों की कमी न झेलनी पड़े। इसी के साथ पर्व अवधि में अनुबंधित बसों के कर्मचारियों की छुट्टी पर भी रोक लगाने को कहा गया है। बस मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय रहते मरम्मत, फिटनेस और तकनीकी जांच पूरी कर बसों को संचालन के लिए तैयार रखें क्योंकि होली पर उत्तर प्रदेश में एक-एक बस का फर्क पड़ता है। सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाना ही नहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा को भी सबसे ऊपर रखा है। जाम, भीड़ या किसी दुर्घटना की स्थिति में संचालन बाधित न हो इसके लिए निगरानी तंत्र को और कड़ा किया जा रहा है।
- प्रवर्तन टीमें लगातार मैदान में रहकर निगरानी करेंगी
- चालक-परिचालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य होगा
- बसों की तकनीकी फिटनेस (ब्रेक, लाइट, टायर आदि) की नियमित जांच होगी
- सीटें, खिड़कियों के शीशे और फायर सेफ्टी उपकरण दुरुस्त रखने के निर्देश
- बस अड्डों और बसों में स्वच्छता पर खास फोकस रहेगा, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके
उत्तर प्रदेश में टॉप परफॉर्मर्स को सम्मानित करेगी सरकार
होली के दौरान यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार ने परिवहन व्यवस्था को चलाने वाले फ्रंटलाइन हीरोज यानी चालक-परिचालकों के लिए भी बड़ा प्रोत्साहन पैकेज तैयार किया है। संदेश साफ है: जितना बेहतर संचालन, उतना बेहतर इनाम। पर्व अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चालक-परिचालकों (संविदा और आउटसोर्सिंग सहित) को तय मानकों के आधार पर अतिरिक्त राशि दी जाएगी। योजना के तहत प्रतिदिन औसतन 300 किमी संचालन करने पर 360 रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 3600 रुपये प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं 10 दिन की पूरी ड्यूटी और निर्धारित मानक पूरा करने पर यह बढ़कर 450 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 4500 रुपये तक पहुंच जाएगा। निर्धारित मानक से ज्यादा दूरी तय करने पर 55 पैसे प्रति किमी अतिरिक्त मानदेय भी दिया जाएगा। यहीं नहीं, उत्तर प्रदेश के डिपो और क्षेत्रीय कार्यशालाओं में तैनात कर्मचारियों के लिए भी एकमुश्त प्रोत्साहन तय किया गया है, 10 दिन लगातार ड्यूटी करने पर 2100 रुपये, जबकि 9 दिन ड्यूटी पर 1800 रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा प्रोत्साहन अवधि में असाधारण काम करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों को क्षेत्रीय समिति की संस्तुति पर अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा। और जो टीमें कमाई के मोर्चे पर बाजी मारेंगी, उन्हें सम्मान भी मिलेगा। UP News












