मायावती ने लखनऊ में BSP की संगठनात्मक बैठक कर 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सर्वसमाज का समर्थन जुटाने और उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करने का आह्वान किया।

UP News : उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने अपनी राजनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने संगठन की समीक्षा बैठक में कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान में पूरी ताकत से जुटने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के आत्मसम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सत्ता की मास्टर चाबी हासिल करना जरूरी है। मायावती ने सर्वसमाज के सहयोग से उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार बीएसपी की सरकार बनाने का संकल्प भी दोहराया।
लखनऊ में आज 5 नवंबर 2026 को पार्टी नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के सभी बसपा जिलाध्यक्ष मौजूद रहे। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर मंथन किया गया। मायावती ने समीक्षा बैठक में खासतौर पर गरीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, मुस्लिम समाज और अन्य कमजोर वर्गों के मतों की ताकत एवं एकजुटता बनाए रखने के प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने संगठनात्मक स्तर पर सामने आई कमियों को समयबद्ध तरीके से दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि बहुजन समाज के आत्मसम्मान और अधिकारों के लिए पार्टी के मिशन को आगे बढ़ाना होगा। इसके लिए पूरी निष्ठा, समर्पण और मेहनत के साथ चुनावी तैयारियों में जुटने की जरूरत है।
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बीएसपी प्रमुख ने चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता का मुद्दा उठाते हुए ईवीएम के इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराने की व्यवस्था बहाल करने की मांग का समर्थन किया। मायावती ने आरोप लगाया कि देश में लंबे समय से धनबल, बाहुबल और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के जरिए चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिशें होती रही हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी हैं।मायावती ने कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की सरकारों की नीतियों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दलों की सरकारों में दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और गरीब तबकों की समस्याओं का पर्याप्त समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, अशिक्षा, भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता को देश की प्रमुख समस्याएं बताते हुए कहा कि मेहनतकश लोगों, किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और युवाओं के हितों की अनदेखी की जा रही है।
मायावती ने महात्मा ज्योतिबा फुले, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज, श्री नारायण गुरु, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम के विचारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज ने ऐतिहासिक संघर्ष और एकजुटता के बल पर राजनीतिक ताकत हासिल की है। अब इस विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी कार्यकर्ताओं की है।
मायावती ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में बीएसपी को पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से तन, मन और धन से संगठन को मजबूत करने और सर्वसमाज के बीच पार्टी का जनाधार बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने बीएसपी की पूर्ववर्ती सरकारों का उल्लेख करते हुए कानून का राज, सामाजिक न्याय, सुरक्षा और जनकल्याण को पार्टी की प्राथमिकताएं बताया। मायावती ने भरोसा जताया कि संगठन की एकजुटता और जनता के सहयोग से पार्टी उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ेगी।
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