पार्टी के भीतर इसे खास तौर पर उत्तर प्रदेश में कैडर को दोबारा सक्रिय करने, बूथ स्तर तक पकड़ मजबूत करने और जमीनी मोर्चे पर संगठन को रफ्तार देने वाली रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने संगठन को नई धार देने के लिए एक बार फिर बड़ा बदलाव किया है। इस बदलाव के जरिए पार्टी ने उत्तर प्रदेश के रणनीतिक और चुनावी रूप से अहम इलाकों में जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किया है, साथ ही कुछ प्रमुख राज्यों में भी प्रभारियों की भूमिका बदली गई है। पार्टी के भीतर इसे खास तौर पर उत्तर प्रदेश में कैडर को दोबारा सक्रिय करने, बूथ स्तर तक पकड़ मजबूत करने और जमीनी मोर्चे पर संगठन को रफ्तार देने वाली रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
मायावती ने नौशाद अली को कानपुर, लखनऊ, आगरा और मेरठ मंडल का मुख्य प्रभारी बनाया है। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें इन क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, संगठनात्मक बैठकें तेज करने, बूथ स्तर पर पकड़ मजबूत करने और जमीनी गतिविधियों को रफ्तार देने की जिम्मेदारी सौंपी है। ये चारों मंडल उत्तर प्रदेश की राजनीति में इसलिए भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि यहां शहरी-ग्रामीण समीकरण, जातीय संतुलन और सीटों की संख्या तीनों चुनावी दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। संगठनात्मक बदलावों की इसी श्रृंखला में मायावती ने आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ को मुख्य केंद्रीय प्रभारी की जिम्मेदारी दी है। उन्हें केरल, गुजरात, छत्तीसगढ़ और दिल्ली का दायित्व सौंपा गया है। पार्टी के अनुसार, अशोक सिद्धार्थ इन राज्यों में रणनीति, संगठन विस्तार और समन्वय की कमान संभालेंगे। इसे बसपा की राष्ट्रीय उपस्थिति बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
बसपा ने संगठनात्मक कसरत को उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं रखा, बल्कि दूसरे राज्यों में भी नए चेहरे उतारकर संकेत दे दिया है कि पार्टी विस्तार की रणनीति पर एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रही है। पूर्व सांसद गिरीश चंद्र को उत्तराखंड का प्रभारी बनाया गया है, वहीं राजाराम को मध्य प्रदेश और सुमरत सिंह को राजस्थान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक ये नियुक्तियां सीधे तौर पर यूपी में संगठन को दोबारा रफ्तार देने की बड़ी योजना से जुड़ी हैं UP News